जिंदा पत्नी का पति ने कर दिया अंतिम संस्कार, कारण जानकर पकड़ लेंगे सिर
Published by : Ayush Raj Dwivedi Updated At : 26 Mar 2025 8:25 PM
सांकेतिक तस्वीर
Kolkata News: पश्चिम बंगाल के मालदा से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी का जीते जी अंतिम संस्कार कर दिया है.
Kolkata News: एक व्यक्ति ने अपनी जीवित पत्नी का श्मशान घाट में प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर दिया है. वो यहीं नही रूका उसने श्राद्ध कर लोगों को भोज भी कराया. सबकुछ रीति-रिवाज के मुताबिक हुआ. श्राद्ध कार्यक्रम का गवाह पूरा गांव रहा. यह घटना मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर की है. पत्नी का पुतला बना कर कंधे पर शव जैसा रख कर हरि कीर्तन करते हुए श्मशान घाट ले जाया गया. वहां पर नियम के मुताबिक मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया गया. पति के साथ गांव के लोग भी श्मशान गये. इसके बाद श्राद्ध पर मुंडन कराया व गांव वालों को श्राद्ध का भर पेट भोजन कराया.
कोलकाता का है पूरा मामला
इस व्यक्ति का नाम अचिंत्य राय बताया जा रहा है. वह हरिश्चंद्रपुर एक नंबर ब्लॉक के बरुई ग्राम पंचायत के पराशटला गांव का बाशिंदा है. 19 वर्ष तक दांपत्य जीवन गुजारने के बाद पत्नी प्रेमी के साथ फरार हो गयी. हालांकि, शादी के इतने दिनों बाद भी उनकी कोई संतान नहीं थी. पत्नी के भाग जाने से वह अब अकेला है. उसका कहना है कि कुछ गलत कदम उठाने से अच्छा है कि यह मान लिया कि पत्नी परलोक गमन कर गयी है. यही सोच कर उसने हिंदू रीति रिवाज से सारे कर्मकांड किये.
अचिंत्य पेशे से राजमिस्त्री है. 19 साल तक साथ रही. उसने बताया कि जब वह प्रेमी के साथ भाग गयी तो रील बना कर दिखा रही है. फेसबुक पर टैग भी कर रही है. व्हाट्सएप पर रील्स को शेयर भी किया. अचिंत्य को लग रहा है कि इससे उसके सामाजिक मर्यादा का हनन हुआ है. अचिंत्य ने कहा कि पत्नी की इस हरकत से परिवार का सम्मान नष्ट हुआ है. इसलिए पत्नी को मृत घोषित कर उसकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्मकांड किया. मंगलवार को ही परिवार के लोगों ने श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया. पुरोहित बुला कर मंत्रोच्चारण कर विधिपूर्वक सारे काम हुए. गांव वालों के साथ रिश्तेदारों को बुला कर भोज भी कराया गया.
देर रात करती थी किसी और से बात- पीड़ित पति
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में फिर ऐसी कोई घटना नहीं हो, इसलिए यह सब आयोजन हुआ. अचिंत्य के मुताबिक परिवार में कोई अशांति नहीं थी. एक ही दुख था कि उनकी कोई संतान नहीं थी. वह राजमिस्त्री का काम कर जितना रुपया कमाता था, पत्नी के बैंक अकाउंट में जमा करता था. देर रात पत्नी किसी से बात करती थी, उस समय ही संदेह हुआ था. उसे मना भी किया. ससुराल के लोगों को भी इसकी जानकारी दी. घर के कपड़े, शादी में मिले गहने व नकद रुपये लेकर वह भाग गयी. इसके बाद प्रेमी के साथ रील्स बना कर शेयर किया. उसे मृत घोषित करने के अलावा मेरे पास कुछ नहीं बचा है.
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लेखक के बारे में
By Ayush Raj Dwivedi
आयुष डिजिटल पत्रकार हैं और इनको राजनीतिक खबरों को लिखना, वीडियो बनाना और रिसर्च करना पसंद है. इससे पहले इन्होंने न्यूज इंडिया 24*7 में बतौर कंटेन्ट राइटर और रिपोर्टर काम किया है. इनको बिहार यूपी और दिल्ली की राजनीति में विशेष रुचि है. आयुष को क्रिकेट बहुत पसंद है
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