चक्रवात से निपटने के लिए निगम तैयार, खुलेगा कंट्रोल रूम

Updated at : 24 May 2024 11:14 PM (IST)
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चक्रवात से निपटने के लिए निगम तैयार, खुलेगा कंट्रोल रूम

South 24 Parganas: Clouds hover over 'Muri Ganga' River ahead of the landfall of cyclone 'Remal', in South 24 Parganas district, Friday, May 24, 2024. (PTI Photo)(PTI05_24_2024_000222A)

चक्रवात ‘रेमाल’ के प्रभाव से कोलकाता में भी भारी बारिश की संभावना हैं.

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कोलकाता. चक्रवात ‘रेमाल’ के प्रभाव से कोलकाता में भी भारी बारिश की संभावना हैं. इसका असर कोलकाता के उपनगरों समेत दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों पर पड़ेगा. ऐसे में कोलकाता नगर निगम आपदा से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली है. निगम द्वारा राहत सामग्री का भंडारण किया जा रहा है. कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम पहले ही केएमडीए, रेलवे, पोर्ट और सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के साथ बैठक कर चुके हैं. निगम के मुताबिक, चक्रवात की वजह से पेड़ गिर सकते हैं. ऐसे में गिरे हुए पेड़ों को हटाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है. निगम ने सभी 16 बोरो के लिए अलग-अलग टीमें बनायी है. पेड़ों को काटने के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ी, क्रेन, पे लोडर, डंपर आदि आवश्यक उपकरण तैयार कर लिये गये हैं. चक्रवात के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. ताकि, पेड़ों के गिरने की स्थिति में यातायात सेवा प्रभावित ना हो. खुलेगा कंट्रोल रूम

इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए निगम कंट्रोल रूम खोले जायेंगे, जो 24 घंटे खुला रहेगा. कंट्रोल रूम का संचालन निगम के आला अधिकारी करेंगे. इसके अलावा, तूफान के दौरान या उसके बाद बिजली के झटके से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सड़कों पर लगे बिजले के खंभों पर लगे खुले तारों पर टेप लगाये जाने का कार्य जारी है. निगम सीईएससी के भी संपर्क में हैं. ताकि, बिजली गुल होने की स्थिति में दोबारा बिजली आपूर्ति सेवा को बहाल किया जा सके.

जल निकासी व्यवस्था पर जोर

चक्रवात के प्रकोप से कोलकाता में भारी बारिश हो सकती है. ऐसे में जल निकासी व्यवस्था को ठीक रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोलकाता में 76 सीवेज पंपिंग स्टेशन हैं. वहीं, इन स्टेशनों में कुल 408 पोर्टेबल पंप हैं. इनमें से 392 पंप सक्रिय हैं. सभीको चालू रखने के लिए मॉनिटरिंग की जा रही है. यह भी बताया गया कि सभी पंपिंग स्टेशनों को चालू रखने के लिए 24 घंटे निगरानी की जायेगी. इसके अलावा अस्थायी पंपों को भी तैयार रखा जा रहा है. गैलीपिट के मुह पर गंदगी जमा न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है, ताकि जलजमाव की समस्या न हो. जल निकासी के लिए शनिवार से ही निगम के 100 से अधिक मजदूर विभिन्न बोरो में तैनात रहेंगे.

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