इसीएल मुख्यालय पर डिप्लोमा धारकों ने बोला हल्ला, हफ्ते में कुछ नहीं हुआ तो करेंगे अनशन

Author Amit kumar
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इसीएल मुख्यालय पर डिप्लोमा धारकों ने बोला हल्ला, हफ्ते में कुछ नहीं हुआ तो करेंगे अनशन

इसीएल के मानव संसाधन विभाग से पोस्ट ग्रेजुएट प्रैक्टिकल ट्रेनी (पीजीपीटी) और पोस्ट डिप्लोमा प्रैक्टिकल ट्रेनी (पीडीपीटी) का प्रशिक्षण प्राप्त कर पिछले तीन साल से बेकार बैठे युवाओं ने नौकरी की मांग को लेकर बुधवार को इसीएल मुख्यालय पर प्रदर्शन किया.

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आसनसोल/नितुरिया.

इसीएल के मानव संसाधन विभाग से पोस्ट ग्रेजुएट प्रैक्टिकल ट्रेनी (पीजीपीटी) और पोस्ट डिप्लोमा प्रैक्टिकल ट्रेनी (पीडीपीटी) का प्रशिक्षण प्राप्त कर पिछले तीन साल से बेकार बैठे युवाओं ने नौकरी की मांग को लेकर बुधवार को इसीएल मुख्यालय पर प्रदर्शन किया. ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिशियल्स एसोसिएशन के बैनर तले डिप्लोमा धारक और तकनीकी पदों के अभ्यर्थियों ने आंदोलन करते हुए आरोप लगाया कि सैकड़ो पद रिक्त होने के बावजूद भी वर्ष 2022 के बाद से इसीएल में कोई बहाली नहीं हुई है. जिसके कारण प्रशिक्षण लेने के बाद भी वे बेकार बैठे हुए हैं. अब नौकरी की उम्र भी निकलती जा रही है. आंदोलन के उपरांत पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन दिया गया. संगठन के महासचिव सोभन चटर्जी ने कहा कि इस दिशा में सात दिनों के अंदर प्रबंधन यदि कोई सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आमरण अनशन किया जाएगा. प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नियुक्ति की प्रक्रिया कोल इंडिया से होती है. एचआरडी के जो प्रशिक्षण दिया जाता है, उसमें यह साफ बताया जाता है कि प्रशिक्षण देने का मतलब यह नहीं है कि नौकरी दिया जाएगा. बहाली निकलने पर प्रशिक्षण लेनेवाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. गौरतलब है कि बुधवार को भारी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं ने नौकरी की मांग को लेकर इसीएल मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. संगठन के महासचिव श्री चट्टर्जी ने आरोप लगाया कि 2022 से इसीएल में एक भी नयी नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके चलते क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ रही है. प्रशिक्षण लेने के बाद सैकड़ों डिप्लोमा धारक युवक रोजगार पाने से वंचित हैं. इसीएल के आधिकरियों से अनेकों बार मुलाकात की गयी, लेकिन उनका कहना है कि रिक्तियों पर अंतिम निर्णय कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) के हाथ में है. हम वहां भी गये लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला. रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया रुकी हुई है. इसीएल के मौजूदा कर्मचारियों को भी वर्षों से प्रमोशन नहीं दिया जा रहा है. जिसके कारण वर्तमान कर्मचारियों पर दोगुना कार्यभार पड़ रहा है.

डिप्लोमा धारकों की आयु सीमा भी पार हो रही है. ऐसे में युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. सात दिनों के भीतर यदि हमारी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो हम आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे. पश्चिम बर्दवान जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों डिप्लोमा धारक शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और कर्मचारियों के प्रमोशन की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह आंदोलन केवल इसीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कोल इंडिया लिमिटेड क्षेत्र में विभिन्न अनुषंगी इकाईयों में भी चल रहा है और यह काफी बड़ा रूप धारण करेगा. जरूरत पड़ी तो कोल इंडिया मुख्यालय पर भी प्रदर्शन होगा.

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