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रानीगंज में रोकी गयीं आशाकर्मी, आड़े आयी पुलिस-जीआरपी

Updated at : 21 Jan 2026 9:41 PM (IST)
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रानीगंज में रोकी गयीं आशाकर्मी, आड़े आयी पुलिस-जीआरपी

वेतन वृद्धि और अन्य आठ सूत्री मांगों को लेकर पिछले 23 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आशाकर्मियों का आंदोलन बुधवार को और उग्र हो गया.

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रानीगंज.

वेतन वृद्धि और अन्य आठ सूत्री मांगों को लेकर पिछले 23 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आशाकर्मियों का आंदोलन बुधवार को और उग्र हो गया. बुधवार सुबह प्रस्तावित ‘स्वास्थ्य भवन अभियान’ के तहत कोलकाता जा रही आशाकर्मियों को रानीगंज रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस व जीआरपी ने राज्य सरकार के निर्देश पर उन्हें लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करने से रोक दिया है.

स्टेशन पर घंटों चला हंगामा, पुलिस पर आरोप

रानीगंज स्टेशन पर बड़ी संख्या में एकत्रित आशा कर्मियों ने दावा किया कि उनके पास कोलकाता जाने के लिए वैध टिकट थे, इसके बावजूद उन्हें ट्रेन पकड़ने नहीं दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पहले उन्हें सूचना दी गई थी कि आशा कर्मी के बैज पर यात्रा की अनुमति है, लेकिन बाद में टिकट की मांग की गयी. जब कर्मियों ने टिकट कटवा लिया, तब भी उन्हें स्टेशन के बाहर ही रोक दिया गया.

आशाकर्मियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने खुद उन्हें 21 तारीख को बैठक के लिए बुलाया था, लेकिन अब सरकार और प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं.

‘नेता को हिरासत में लिया, हमारा आंदोलन नहीं रुकेगा’

पश्चिम बंगाल आशा कर्मी यूनियन के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी प्रदेश नेता केका पाल को दुर्गापुर स्टेशन पर पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा की प्रशाशन का कहना है कि उन्हें ऊपर से निर्देश मिला है कि हमें कोलकाता न पहुंचने दिया जाए. यह हमारे अधिकारों का हनन है. सरकार हमारी मांगों को पूरा करने में असमर्थ है, इसलिए राज्य पुलिस तथा जीआरपी के जरिए हमें डराया जा रहा है.

ज्ञात रहे कि आशाकर्मी मुख्य रूप से निश्चित मानदेय, वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रही हैं. रानीगंज स्टेशन पर रोके जाने के बावजूद कर्मचारियों ने साफ किया कि उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी रुकावटों से उनका मनोबल नहीं टूटेगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT KUMAR

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