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सरकारी स्कूलों में ज्यादा एडमिशन फीस पर बवाल

Updated at : 05 Jan 2026 9:40 PM (IST)
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सरकारी स्कूलों में ज्यादा एडमिशन फीस पर बवाल

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से निर्धारित फीस के नियमों का उल्लंघन कर रानीगंज के विभिन्न बांग्ला माध्यम स्कूलों में अभिभावकों से अधिक पैसे वसूलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

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रानीगंज.

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से निर्धारित फीस के नियमों का उल्लंघन कर रानीगंज के विभिन्न बांग्ला माध्यम स्कूलों में अभिभावकों से अधिक पैसे वसूलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोमवार को वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के सदस्यों ने रानीगंज हाई स्कूल में इस धांधली के खिलाफ ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, लेकिन स्कूल में व्याप्त गतिरोध के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा.

240 रुपये की जगह वसूले जा रहे 600 रुपये : सुकांत चटर्जी

एसएफआइ नेता सुकांत चटर्जी ने स्कूलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कक्षा 5 से 12 तक के लिए 240 रुपये की फीस निर्धारित की है. इसके बावजूद रानीगंज के स्कूलों में मनमानी चल रही है. उन्होंने कहा, “कहीं 600 रुपये तो कहीं 350 और 450 रुपये वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है. ” श्री चटर्जी ने आगे बताया कि जब वे रानीगंज हाइ स्कूल पहुंचे, तो वहां प्रिंसिपल मौजूद नहीं थे और टीचर इंचार्ज ने उनका ज्ञापन लेने से साफ इंकार कर दिया.

अभिभावकों की मजबूरी : ‘रसीद 600 रुपये की है, पर नियम का पता नहीं’

स्कूल परिसर में मौजूद कुछ अभिभावकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए मजबूरी में पैसे दे रहे हैं. एक अभिभावक ने कहा, हमें 600 रुपये की पक्की रसीद दी गयी है, लेकिन हमें यह नहीं पता था कि सरकारी नियम केवल 240 रुपये का है. बच्चों का दाखिला करवाना है, इसलिए हमें 360 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं.

इन स्कूलों में भी होगा आंदोलन

एसएफआई ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन केवल रानीगंज हाइ स्कूल तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में संगठन सीआरसोल बालिका विद्यालय,सीआरसोल राज हाई स्कूल,जमुनामयी बालिका विद्यालय में भी विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है.

शिक्षा व्यवस्था पर साधा निशाना

छात्र संगठन ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि स्कूलों में शिक्षा का बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो चुका है. मिड-डे मील में चोरी हो रही है और शिक्षण संस्थानों में राजनीति का बोलबाला है. सुकांत चटर्जी ने कहा कि वे इस भ्रष्टाचार और बढ़ी हुई फीस के खिलाफ जल्द ही जिला स्कूल निरीक्षक को भी ज्ञापन सौंपेंगे और जब तक फीस पर रोक नहीं लगती, आंदोलन जारी रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT KUMAR

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