सड़क के अभाव में समय पर अस्पताल नहीं पहुंची बच्ची, रास्ते में मौत से गुस्साये लोगों ने लगाया जाम

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दल-दल में चलते लोग

पानागढ़ के चाकतेतुल पंचायत में सड़क की बदहाली ने एक बार फिर ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया है. बरसात में गांव का संपर्क टूटने और एंबुलेंस के न पहुंच पाने के कारण छह माह के मासूम की जान चली गई. गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.

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पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

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पूर्व बर्धमान जिले के गलसी विधानसभा क्षेत्र के बुदबुद थाना अंतर्गत चाकतेतुल पंचायत के बाउरीपाड़ा गांव में गांव तक पहुंचने वाली मुख्य सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के कारण बरसात के मौसम में गांव का संपर्क लगभग पूरी तरह कट जाता है. इसी बदहाल सड़क के कारण छह माह के एक मासूम की जान चली गयी. घटना के बाद गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया.

बारिश में बंद हो जाती है सड़क

स्थानीय लोगों के अनुसार, बाउरीपाड़ा गांव में करीब 200 से अधिक परिवार रहते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में प्रवेश करने वाली मुख्य सड़क पिछले कई वर्षों से उपेक्षित पड़ी है. बारिश शुरू होते ही सड़क की हालत इतनी खराब हो जाती है कि उस पर आवागमन मुश्किल हो जाता है. भारी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है और ग्रामीणों का गांव से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है.

बरसात में घरों में कैद होने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दिनों में करीब 200 से अधिक परिवार लगभग घरों में कैद होकर रह जाते हैं. सबसे अधिक परेशानी तब होती है, जब गांव का कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है. खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना मुश्किल होता है. कई बार ग्रामीणों को मरीज को किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है.

आपात स्थिति में ही इलाज करना मुश्किल

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में भी परेशानी होती है. आपात स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण लोगों की जान पर बन आती है. इसी समस्या के बीच छह माह के एक बच्चे की मौत को लेकर परिवार और ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को जिम्मेदार ठहराया है.

मासूम की मौत के बाद भड़का आक्रोश

मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया. ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गांव तक आने-जाने के लिए अच्छी सड़क होती, तो आपात स्थिति में बच्चे को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था. इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार सुबह से ही बाउरीपाड़ा के ग्रामीणों ने सड़क रोककर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया.

जल्द निर्माण का मिला भरोसा

सूचना मिलते ही बुदबुद थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया. काफी देर तक चले विरोध के बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि गांव में प्रवेश करने वाली सड़क के निर्माण का काम जल्द शुरू किया जाएगा. इसके बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

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लोगों ने मांगा स्थाई समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का काम जमीन पर शुरू होता हुआ दिखाई देना चाहिए. उनका आरोप है कि वर्षों से सड़क की समस्या को लेकर मांग की जाती रही, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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