चित्रांकन प्रतियोगिता से महोत्सव शुरू, 11 जनवरी को होगा मुख्य समारोह व नगर-कीर्तन
रानीगंज. परम प्रेममय श्रीश्री ठाकुर अनुकूलचंद्र की 138वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार से रानीगंज के ऐतिहासिक सियारसोल राजबाड़ी मैदान में ””प्रियबोधि महोत्सव”” का शुभारंभ हुआ. तीन दिवसीय महोत्सव के पहले दिन बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें 200 नन्हे कलाकारों ने कल्पनाशीलता को कागज पर उतारा.बच्चों की भागीदारी से बढ़ा उत्साह
महोत्सव की शुरुआत बच्चों के लिए आयोजित ड्राइंग कंपटीशन से हुई. इस प्रतियोगिता को चार अलग-अलग आयु वर्गों (ग्रुप) में विभाजित किया गया था. आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी और अभिभावकों को ठाकुर जी के आदर्शों और इस महोत्सव से जोड़ना है.भक्तों की एकजुटता का प्रतीक है आयोजन
कार्यक्रम के बारे में ठाकुर अनुकूलचंद्र के अनन्य भक्त प्रकाश मंडल ने बताया कि पूरे कोयलांचल क्षेत्र में ठाकुर जी के लाखों अनुयायी फैले हैं. पहले विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग आयोजन होते थे, पर इस बार सभी भक्तों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एक भव्य केंद्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाये. इसी एकता का परिणाम यह प्रियबोधि महोत्सव है.11 जनवरी का मुख्य आकर्षण
महोत्सव का मुख्य और सबसे महत्वपूर्ण दिन रविवार, 11 जनवरी को होगा. इसके लिए मैदान में तीन विशाल और भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है. रविवार के कार्यक्रम के तहत भोर 5:00 बजे: उषा कीर्तन के साथ दिन की शुरुआत होगी, जिसमें भक्त नगर संकीर्तन कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे.सुबह 6:30 बजे: सामूहिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा.दोपहर 12:00 बजे: धार्मिक अनुष्ठान और संगीत संध्या की शुरुआत होगी. इसमें देवघर सत्संग से आए प्रसिद्ध भजन गायक सपन मंडल ठाकुर जी की महिमा पर आधारित भक्ति संगीत प्रस्तुत करेंगे.शाम का सत्र में ठाकुर अनुकूलचंद्र जी द्वारा रचित पवित्र ग्रंथों का पाठ किया जाएगा.साथ ही विद्वान वक्ता आज के सामाजिक परिप्रेक्ष्य में ठाकुर जी के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालेंगे.भक्त तुहिन दास ने बताया की रानीगंज,अंडाल,उखड़ा और जामुड़िया अंचल डोबराणा अंचल के भक्तों का यहां समागम होगा,करीब 30 हजार भक्तो का भंडारा यहां होगी, सैकडो माताएं कल से ही भंडारा व्यवस्था में जुट जाएंगी.इस संस्था के इस अंचल के अध्यक्ष डॉ सुप्रिय गोप तथा सचिव उतपल माजी है.युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास
वहीं, प्रकाश मंडल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि शाम के सत्र में होने वाला ग्रंथ पाठ और चर्चा का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को ठाकुर अनुकूलचंद्र के जीवन, उनके महान कार्यों और उनके दर्शन से अवगत कराना है. महोत्सव को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और रविवार को होनेवाले मुख्य आयोजन में पूरे कोयलांचल से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

