दुर्गापुर.
मंगलवार को पांच लाख के नकली नोट रखने के मामले में दोषी पाये गये फिरोज आलम शेख़ को दुर्गापुर महकमा अदालत में 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी. इससे पहले एडीजे(01) के न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार सिंह ने गवाहों के दिये गये बयान एवं सबूतों के अवलोकन के बाद फेक करेंसी के दो अलग-अलग मामलों में अभियुक्त को दोषी करार दिया. पहले मामले में 10 वर्ष और दूसरे मामले में पांच वर्ष यानी कुल 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी. इसके अलावा दोषी पर क्रमश: 10 हजार व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे अदा नहीं करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त छह माह की कैद काटनी होगी.मालूम रहे कि फिरोज आलम शेख मालदा जिले के कालियाचक का बाशिंदा है. उसके खिलाफ स्टेट एसटीएफ की ओर से 14 जुलाई 2024 को (फेक करेंसी) का केस दर्ज किया गया था. मामले के सरकारी वकील सोमनाथ चट्टराज ने बताया कि बीते वर्ष जुलाई में स्टेट एसटीएफ को फेक करेंटी का लेनदेन होने की सूचना थी, जिसके आधार पर कांकसा थाना क्षेत्र के बीरुडीहा स्थित न्यू दादू होटल में छापेमारी कर एसटीएफ टीम ने आरोपी को दबोचा था. उसके पास से पांच लाख के जाली नोट जब्त किये गये थे. 500 रुपये के एक हजार नोट मिले थे. एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर कांकसा थाने की पुलिस को सौंप दिया था. आरोपी को कोर्ट से पहले पुलिस रिमांड, फिर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. तब से आरोपी जेल में ही है. कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट पेश कर पांच गवाह बनाये थे. सोमवार को ही दुर्गापुर एडीजे-01 कोर्ट में आरोपी को दोषी ठहराया गया था. सजा मंगलवार को सुनायी गयी.
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