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इसीएल में बेमियादी हड़ताल पर वेंडर व सप्लायर, प्रबंधन की नीतियों पर सवाल

Updated at : 21 Jan 2026 9:43 PM (IST)
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इसीएल में बेमियादी हड़ताल पर वेंडर व सप्लायर, प्रबंधन की नीतियों पर सवाल

ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड(इसीएल) के अधीन अपनी सेवाएं देनेवाले सप्लायर, ठेकेदार व वेंडर पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं.

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रानीगंज.

ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड(इसीएल) के अधीन अपनी सेवाएं देनेवाले सप्लायर, ठेकेदार व वेंडर पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर हैं. स्थानीय व्यवसायियों का आरोप है कि प्रबंधन की दोषपूर्ण नीतियों के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. कोलफील्ड सप्लायर संगठन के बैनर तले जारी इस आंदोलन ने ईसीएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

अस्तित्व के लिए जूझ रहे स्थानीय वेंडर

प्रदर्शनकारी व्यवसायियों का कहना है कि वे हर कठिन परिस्थिति में ईसीएल को संसाधन उपलब्ध कराते रहे हैं, लेकिन अब प्रबंधन बड़े उद्योगपतियों को प्राथमिकता दे रहा है. संगठन के अनुसार वेंडरों की संख्या में भारी गिरावट आई है. एक समय ईसीएल के साथ 2000 से अधिक वेंडर जुड़े थे, जो अब घटकर मात्र 200 के करीब रह गए हैं. स्थानीय वेंडरों से आपात स्थिति में सामान (माल) तो लिया जाता है, लेकिन उनका भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है. पहले ई-जेएम पोर्टल और अब नई नीतियों के कारण छोटे ठेकेदारों को काम के अवसरों से वंचित किया जा रहा है. इस हड़ताल को समर्थन देते हुए श्रमिक संगठनों के नेताओं ने इसे ईसीएल प्रबंधन की ””तानाशाही”” करार दिया. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन न केवल छोटे व्यापारियों को बर्बाद कर रहा है, बल्कि कोयला चोरी और शॉर्टेज को छिपाने के लिए कोयले में मिट्टी-पत्थर की मिलावट की जा रही है.उन्होंने दावा किया कि खराब गुणवत्ता के कारण कई पावर प्लांटों ने कोयला वापस लौटा दिया है, जिसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

कोलफील्ड सप्लायर संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनकी कोई अनुचित मांग नहीं है. वे केवल इतना चाहते हैं कि स्थानीय वेंडरों को नियमित रूप से ऑर्डर मिले और उनके बकाये का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि अपने परिवार तथा इस व्यापार से जुड़े लोगों का जीवन यापन सुचारू रूप से चल सके.प्रदर्शन कारी व्यापारियों का कहना है कि हम दिन-रात संसाधन जुटाकर ईसीएल का सहयोग करते हैं, लेकिन आज हमें ही हाशिए पर धकेला जा रहा है। जब तक हमारी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT KUMAR

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