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हड़ताल को असफल बनाने के लिए श्रमिकों को धमकी देना गलत, स्ट्राइक है अधिकार क्षेत्र में

Updated at : 28 Oct 2024 12:38 AM (IST)
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हड़ताल को असफल बनाने के लिए श्रमिकों को धमकी देना गलत, स्ट्राइक है अधिकार क्षेत्र में

सेल आइएसपी बर्नपुर में आज श्रमिकों की एकजुटता का इम्तिहान

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आसनसोल/बर्नपुर. सेल आइएसपी बर्नपुर में सोमवार को श्रमिकों की एकजुटता का इम्तिहान है. पहली बार इंटक, एटक, एचएमएस, बीएमएस और सीटू ने एकजुट होकर स्थायी और ठेका श्रमिकों से जुड़ी मांगों के समर्थन में सोमवार को हड़ताल का आह्वान किया है. श्रमिक क्या इस हड़ताल को सफल बनायेंगे? इसे लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच तनाव बना हुआ है. इस हड़ताल को रोकने के लिए प्रबंधन भी अपनी ओर से हरसंभव प्रयास में जुटा है. इसे सफल बनाना यूनियनों के लिए बड़ी चुनौती है. रविवार को बर्नपुर बारी मंजिल स्थित इंटक कार्यालय में पांचों यूनियनों के महासचिवों ने संयुक्त रूप बैठक कर हड़ताल की रणनीति तैयार की और पत्रकारों से बातचीत की. आसनसोल आइरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के महासचिव हरजीत सिंह, एबी मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (सीटू) के महासचिव सोरेन चट्टोपाध्याय, यूनाइटेड आइरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (एटक) के महासचिव उत्पल सिन्हा, आइरन स्टील एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (एचएमएस) के महासचिव मुमताज अहमद, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (बीएमएस) महासचिव संजीत बनर्जी ने पत्रकारों को संबोधित किया. मौके पर यूनियन नेता विजय सिंह, अजय राय आदि उपस्थित थे.

क्या कहा यूनियन नेताओं ने

इंटक नेता हरजीत सिंह ने कहा कि श्रमिकों का बोनस, 39 दिनों का बकाया एरियर, इंसेंटिव, एचआरए, ग्रेच्युटी की सीलिंग का मुद्दा, ठेका श्रमिकों का न्यूनतम वेतन, इनकी जॉब सिक्युरिटी आदि समस्या का समाधान नहीं होने पर जनवरी 2024 में हड़ताल का एलान किया गया था. प्रबंधन ने 75 दिनों के अंदर इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसपर हड़ताल टल गयी. लेकिन आज तक इन मांगों पर प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की. बाध्य होकर आंदोलन की अंतिम कड़ी हड़ताल का आह्वान किया गया. प्रबंधन इस हड़ताल को विफल बनाने के लिए ठेका श्रमिकों को काम से बैठाने और गेटपास जारी नहीं करने की धमकी दे रहा है. प्लांट के अंदर लंगर लगाया गया है, ताकि श्रमिक रविवार रात को ही ड्यूटी पर चले आयें, सारी व्यवस्था प्लांट में होगी. सोमवार को ड्यूटी न आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी धमकी दी जा रही है. यह गलत है. हड़ताल श्रमिकों के अधिकार क्षेत्र में है. कुछ लोग इस हड़ताल को तोड़ने के लिए अफवाहें उड़ा रहे हैं. श्रमिकों को इन अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. सीटू नेता सोरेन चट्टोपाध्याय ने कहा कि बार-बार प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगों को लेकर अनुरोध करने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं होने के बाद हड़ताल का निर्णय लिया गया है. उन्होंने श्रमिकों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. एटक नेता उत्पल सिन्हा ने कहा कि सोमवार को ड्यूटी नहीं आने पर प्रबंधन की ओर से श्रमिकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है. यह फैक्टरी कानून तथा श्रम कानून के खिलाफ है. इसके खिलाफ श्रमिक संगठन अपनी आवाज बुलंद करेंगे.

बीएमएस नेता संजीत बनर्जी ने कहा कि राष्ट्र हित व श्रमिक हित के नारे को लेकर बीएमएस हड़ताल का समर्थन कर रही है. आगे भी श्रमिक हितों के समर्थन में कार्य किया जायेगा.

एचएमएस नेता मुमताज अहमद ने प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुये कहा कि हड़ताल श्रमिकों के हितों के लिये किया जा रहा है. उन्होंने सेलआइएसपी बर्नपुर के तीन हजार स्थायी तथा 10 हजार ठेका श्रमिकों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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