बांकुड़ा में पत्रकार दिवस के रूप में मनाया गया रामानंद चट्टोपाध्याय का 161वां जन्मदिन

Updated at : 29 May 2025 9:50 PM (IST)
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बांकुड़ा में पत्रकार दिवस के रूप में मनाया गया रामानंद चट्टोपाध्याय का 161वां जन्मदिन

विशिष्ट पत्रकार रामानंद चटर्जी का जन्मदिन हर साल 29 मई को बांकुड़ा में पत्रकार दिवस के रूप में मनाया जाता है. गुरुवार को उनका 161वां जन्मदिन मनाया गया.

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बांकुड़ा.

विशिष्ट पत्रकार रामानंद चटर्जी का जन्मदिन हर साल 29 मई को बांकुड़ा में पत्रकार दिवस के रूप में मनाया जाता है. गुरुवार को उनका 161वां जन्मदिन मनाया गया. सुबह जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुनील दास, संपादक संतोष भट्टाचार्य, बांकुड़ा नगर पालिका के वाइस चेयरमैन हीरालाल चट्टराज, पार्षद भ्रमर चौधरी, अनुशीलन समिति के सचिव प्रदीप नाग, निखिल बंगा साहित्य सम्मेलन के जिला अध्यक्ष समीर दास, मुक्ता बिहंगा पत्रिका के संपादक रॉबिन मंडल, बांकुड़ा जिला जातीय क्रीड़ा व शक्ति संघ के सचिव सौरभ बासु, बांकुड़ा वोलेंटरी ब्लड डोनर्स सोसायटी के सचिव बिप्रदास मिद्या और जिले के विभिन्न हिस्सों से आये पत्रकारों ने पोद्दारपाड़ा मोड़ और रामानंद स्मृति भवन के सामने स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रेस क्लब की ओर से सभी उपस्थित लोगों को पत्रकार दिवस का बैज दिया गया. इसके बाद सभी प्रतिभागी पाठकपाड़ा स्थित रामानंद चटर्जी के जन्मस्थान पहुंचे और पुष्पांजलि अर्पित की.

गोष्ठी में पत्रकारिता के मूल्यों पर चर्चा

प्रेस क्लब के रामानंद चर्चा एवं शोध केंद्र द्वारा आयोजित एक विचार गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए प्रेस क्लब के सचिव संतोष भट्टाचार्य ने कहा कि जिले में तीन दशक से अधिक समय से यह दिन पत्रकार दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है. कुछ पड़ोसी जिलों में भी पत्रकार इस दिन को पत्रकार दिवस के रूप में मनाते हैं.

उन्होंने कहा कि आम तौर पर रामानंद चटर्जी को “प्रवासी ” और “मॉडर्न रिव्यू ” के संपादक के रूप में जाना जाता है, लेकिन उनके मानवतावादी विचार, सामाजिक सुधार, देशभक्ति और शिक्षण जीवन में उनके योगदान की चर्चा कम होती है. उनका मानना है कि रवींद्रनाथ टैगोर के सच्चे मित्र और आधुनिक भारतीय कला के प्रवर्तक रामानंद चटर्जी पर निरंतर चर्चा और शोध की जरूरत है. डॉ. अमिताभ चटर्जी और भजन दत्ता ने कहा कि देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में रामानंद के सत्य पत्रकारिता के आदर्शों का पालन अत्यंत आवश्यक है. आज मुख्यधारा के मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया भी भूमिका निभा रहा है, लेकिन शासकों को वे खबरें पसंद नहीं आतीं जो उनके विरोध में हों. यह परंपरा अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही है. चर्चा में इस बात पर बल दिया गया कि डर को दरकिनार कर सच्ची खबर देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है. कार्यक्रम में यह मांग भी उठायी गयी कि रामानंद चटर्जी के जन्मदिन को पूरे देश में पत्रकार दिवस के रूप में मान्यता दी जाये और उनके नाम से एक डाक टिकट जारी किया जाये. कार्यक्रम के अंत में रामानंद चर्चा एवं शोध केंद्र के संपादक उत्तम चटर्जी ने संगीत के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी. डिस्ट्रिक्ट जर्नलिस्ट क्लब की ओर से भी आयोजन

दूसरी तरफ बांकुड़ा डिस्ट्रिक्ट जर्नलिस्ट क्लब की ओर से भी मीडिया भवन में रामानंद चट्टोपाध्याय का जन्मदिन मनाया गया. इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार आलोक सेन ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार हीरक मुखर्जी, स्वरूप राय और मृत्युंजय दास भी उपस्थित रहे.

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