WB News : राज्यपाल बोस ने कहा, राजभवन के उत्तरी गेट का नाम अब 'कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर' के नाम पर होगा

Updated at : 14 Dec 2023 3:58 PM (IST)
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WB News : राज्यपाल बोस ने कहा,
राजभवन के उत्तरी गेट का नाम अब 'कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर' के नाम पर होगा

राजभवन से रवीन्द्रनाथ टैगोर की तस्वीर वाली एक सफेद पत्थर की पट्टिका लेकर आये थे. उस पट्टिका पर लिखा था 'कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर गेट'. कवि की 'आत्मा की शांति, मन की खुशी' की थीम पर राज्यपाल द्वारा इस पट्टिका का अनावरण और शुद्धिकरण किया गया.

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बोलपुर, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल के विश्व भारती शांति निकेतन पहुंचे राज्यपाल और विश्व भारती विश्वविद्यालय के रेक्टर सीवी आनंद बोस ( CV Anand Bose) ने गुरुवार को शांतिनिकेतन का दौरा करते हुए घोषणा की है कि अब से राजभवन का उत्तरी द्वार (गेट) का नाम ‘कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वार’ होगा’. इस दिन उन्होंने गेट के नाम पट्टिका का अनावरण किया . इस पट्टिका का अनावरण आज कविगुरु के ‘प्राण केंद्र’ छातीम तला में किया गया. मौके पर विश्व भारती के कार्यवाहक कुलपति संजय कुमार मल्लिक समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे. राज्यपाल ने इस दिन रवीन्द्र भवन संग्रहालय, छातीम तला, उपासना गृह का दौरा किया.

राज्यपाल सीवी आनंद बोस आज सुबह बंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन से बोलपुर पहुंचे. यहां से वे शांतिनिकेतन पहुंचे. उन्होंने रथींद्र गेस्ट हाउस में विश्राम किया. राज्यपाल दोपहर में रवीन्द्र भवन संग्रहालय गये. चारों ओर घूमें और गुरुदेव द्वारा उपयोग की गई सामग्रियों का दर्शन किया.वहां से राज्यपाल सीवी आनंद बोस छातीमतला पहुंचे.वह राजभवन से रवीन्द्रनाथ टैगोर की तस्वीर वाली एक सफेद पत्थर की पट्टिका लेकर आये थे. उस पट्टिका पर लिखा था ‘कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर गेट’. कवि की ‘आत्मा की शांति, मन की खुशी’ की थीम पर राज्यपाल द्वारा इस पट्टिका का अनावरण और शुद्धिकरण किया गया.

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उन्होंने कहा, यह पट्टिका राजभवन के उत्तरी द्वार पर लगाई जाएगी. यानी राजभवन के उत्तरी गेट का नाम अब से ‘कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर गेट’ होगा. विश्व भारती के कार्यवाहक कुलपति संजय कुमार मल्लिक के साथ रवीन्द्र भवन के सामने खड़े होकर राज्यपाल ने कहा, ”गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर न केवल देश बल्कि दुनिया का गौरव हैं. उनकी रचनाएं पूरी दुनिया में फैली हुई हैं. ‘मुझे ऐसे प्रसिद्ध व्यक्ति के कार्यस्थल पर होने पर गर्व है.” इस दिन राज्यपाल विश्व भारती शांति निकेतन के अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की.

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Shinki Singh

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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