पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप विस चुनाव से पहले पुरुलिया में राजनीतिक सरगर्मी
पुरुलिया. तृणमूल कांग्रेस ने दल-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप में पुरुलिया नगरपालिका के वार्ड 21 के पूर्व पार्षद और वार्ड कोऑर्डिनेटर रहे रविशंकर दास को पार्टी से निलंबित कर दिया है. विधानसभा चुनाव की आहट के बीच पार्टी के इस फैसले से स्थानीय निकाय की राजनीति में हलचल मच गयी है.जिला नेतृत्व का बयान
दलीय सूत्रों के अनुसार, रविशंकर दास के खिलाफ हाल के दिनों में संगठन-विरोधी गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिली थीं. जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राजीव लोचन ने बताया कि पार्टी की अनुशासन व्यवस्था बनाए रखने और संगठन की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया.निलंबित पार्षद का पक्ष
निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए रविशंकर दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि वे हमेशा पार्टी के प्रति निष्ठावान रहे हैं. उन्होंने जिला अध्यक्ष पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि वे पहले वार्ड 10 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं और बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए. इसके बाद पार्टी ने उन्हें वार्ड 21 से टिकट दिया, जहां से वे विजयी हुए. उन्होंने कहा कि इस नगरपालिका में वे एकमात्र बावरी प्रतिनिधि हैं और उनके साथ अन्याय किया गया है.भाजपा ने कसा तंज
इधर, भाजपा पार्षदों ने इस निलंबन को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि तृणमूल में न नीति है और न ही आदर्श. भाजपा नेताओं का आरोप है कि नगर पालिका चुनाव के दौरान भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां टिकट नहीं मिलने पर बगावत करने वाले पार्षद बाद में फिर सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए. उनके अनुसार, रविशंकर दास ने कथित तौर पर कुछ गलत कार्यों का विरोध किया था, इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

