रानीगंज : स्टेशन रोड पर मारपीट, भाजपा-विहिप से जुड़े लोगों के बीच विवाद गहराया
हंगामे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मी. फोटो : प्रभात खबर
रानीगंज स्टेशन रोड पर भाजपा और विहिप समर्थकों में मारपीट का मामला सामने आया है. शुभम राउत ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाये हैं. पुलिस जांच जारी है.
रानीगंज स्टेशन रोड इलाके में भाजपा कार्यालय के सामने शुक्रवार रात मारपीट की घटना के बाद भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े लोगों के बीच विवाद गहरा गया है. विहिप से जुड़े शुभम राउत ने आरोप लगाया है कि सीआरशोल के रहने वाले राजू गोराई और उसके साथियों ने पूर्व नियोजित तरीके से उन पर तथा उनके साथियों पर हमला किया. शुभम के अनुसार, घटना में उनके साथ रवि राउत, लल्लू राउत और प्रेम डोम घायल हुए हैं. हालांकि, लगाए गये आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
लिखित शिकायत में आठ नामजद समेत अज्ञात के आरोप
शुभम राउत की ओर से तैयार शिकायत में कहा गया है कि 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे राजू गोराई ने मोबाइल से रवि गोप को फोन कर किसी आवश्यक काम के बहाने रानीगंज रेलवे स्टेशन के पास बुलाया. शिकायत के अनुसार, वहां पहुंचने पर राजू गोराई के साथ अजय सिंह राजपूत उर्फ बुम्बा, रितिक सिंह, बिट्टू दत्ता, बादशाह चटर्जी, शमशेर सिंह, चंदन सिंह, रंजीत सिंह और रितेश ठाकुर समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.
हथियारों से हमला करने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों के पास चाकू, स्क्रूड्राइवर, हॉकी स्टिक, लोहे की छड़, पंच तथा अन्य धारदार हथियार थे.शुभम के अनुसार, मौके पर पहुंचते ही उन्हें और उनके साथियों को घेर लिया गया तथा मारपीट शुरू कर दी गयी. उन्होंने आरोप लगाया कि राजू गोराई और बादशाह चटर्जी ने कथित तौर पर पूरी घटना की साजिश रची थी. शिकायत में शुभम राउत, रवि राउत, लल्लू राउत और प्रेम डोम को घायल बताया गया है.
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शिकायत में प्रेम डोम के साथ कथित जातिसूचक टिप्पणी किये जाने का आरोप भी लगाया गया है. इसमें कहा गया है कि हमले के दौरान कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. शिकायतकर्ता ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने, सीसीटीवी सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने, कथित हथियार बरामद करने तथा घायलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. वही काफी देर रात तक नेशनल हाईवे 14 रानीगंज बोरो कार्यलय के समक्ष रास्तावरोध किया.
शुभम ने भाजपा नेताओं पर लगाया संरक्षण देने का आरोप
घटना के बाद शुभम राउत ने आरोप लगाया कि राजू गोराई पहले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के करीब था और राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के करीब आने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि रानीगंज भाजपा के कुछ बड़े नेता इसमें उसका सहयोग कर रहे हैं. शुभम ने सीधे तौर पर रानीगंज भाजपा मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह और बादशाह चटर्जी का नाम लेते हुए दावा किया कि उनके इशारे पर हमला कराया गया.
शुभम ने कहा कि हमले में उनके साथियों के अलावा उनके मामा भी घायल हुए हैं.उनके अनुसार, उनके मामा किसी राजनीतिक दल की सक्रिय राजनीति से जुड़े नहीं हैं और केवल उनके साथ होने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया.
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उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की पहचान कर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लगातार पार्टी के तृणमूलीकरण के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन रानीगंज में कुछ नेता कथित तौर पर उनकी बात नहीं मान रहे हैं. शुभम के अनुसार, रानीगंज थाना प्रभारी घटना के बाद मौके पर पहुंचे थे .
शमशेर सिंह ने कहा- सच्चाई जनता जानती है
रानीगंज मंडल-1 के भाजपा अध्यक्ष शमशेर सिंह से आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र है और यहां कोई भी व्यक्ति कुछ भी कह सकता है, लेकिन सच्चाई क्या है, यह रानीगंज की जनता जानती है. उन्होंने कहा कि कौन कितने वर्षों से संगठन से जुड़ा हुआ है, यह रानीगंज का बच्चा-बच्चा जानता है.
शमशेर सिंह ने अपने बारे में कहा कि जब बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, तब भी वह डरे नहीं और संगठन के लिए काम करते रहे. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कोई दूसरा काम नहीं किया, इसलिए अब डरने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने शुभम द्वारा लगाये गये आरोपों को स्वीकार नहीं किया और पूरे मामले की वास्तविकता जांच से सामने आने की बात कही. बादशाह चटर्जी ने भी तमाम आरोपो को गलत बताया.
मौके पर पहुंचे भारतीय जनता युवा मोर्चा के रानीगंज मंडल अध्यक्ष मोनू वर्मा ने निष्पक्ष जांच की मांग की : घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि विहिप से जुड़े रहे शुभम राउत और उनके कुछ साथियों पर रात में हमला हुआ है. हालांकि, हमला किसने किया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और यह जांच का विषय है.
मोनू वर्मा ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता हिंदू एकता और भाईचारे की बात करते थे, लेकिन चुनाव के बाद हिंदू का हिंदू से इस तरह भिड़ना बेहद दुखद है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से सामने आये आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गयी है.शिकायत में जिन लोगों के नाम लिये गये हैं, उनकी भूमिका, घटना के दौरान उनकी मौजूदगी, कथित हथियारों के इस्तेमाल और सीसीटीवी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है.
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