डीएसपी- एएसपी में बाहरी नियुक्तियों का आरोप, भूमि रक्षा कमेटी के बैनर तले किया गया प्रदर्शन

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डीएसपी- एएसपी में बाहरी नियुक्तियों का आरोप, भूमि रक्षा कमेटी के बैनर तले किया गया प्रदर्शन

कमेटी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ईमेल भेजकर अवगत कराया है.

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सीएम को किया गया मेल, रखी गयीं छह सूत्री मांगें

घूस लेकर बाहरी लोगों की नियुक्ति के इल्जाम को तृणमूल यूनियन ने नकारा

दुर्गापुर. दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी) और एलॉय स्टील प्लांट (एएसपी) में बाहरी लोगों को घूस लेकर नौकरी देने और स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित रखने का आरोप भूमि रक्षा कमेटी ने लगाया है. कमेटी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ईमेल भेजकर अवगत कराया है. इसकी प्रतिलिपि राज्य के श्रम कानून मंत्री मलय घटक और आईएनटीटीयूसी के प्रदेश अध्यक्ष ऋतव्रत बंदोपाध्याय को भी भेजी गई है. बुधवार को कमेटी के प्रतिनिधियों ने डीएसपी मेन गेट के पास प्रदर्शन किया. स्थानीय भू-दाताओं को नौकरी से वंचित रखने का इल्जाम

कमेटी सचिव ध्रुव ज्योति मुखर्जी ने कहा कि डीएसपी के औद्योगीकरण के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी और प्रबंधन ने उस समय वादा किया था कि उनके परिवार के सदस्यों को रोजगार दिया जाएगा. लेकिन वर्तमान में स्थानीय युवकों को नौकरी नहीं मिल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले तृणमूल ट्रेड यूनियन ने पुरानी कमेटी भंग कर नई कमेटी बनाई और नियुक्ति के लिए पोर्टल शुरू किया, लेकिन नई नियमावली केवल दिखावा बनकर रह गई.

ठेका श्रमिकों के शोषण के भी दावे

कमेटी का आरोप है कि प्लांट में ठेका श्रमिकों का शोषण हो रहा है. मासिक वेतन का हिस्सा काटकर उसे ठेकेदारों के माध्यम से यूनियन फंड में भेजा जाता है. आरोप लगाया गया कि पिछले चार–पांच महीनों में पैसे लेकर करीब 65 बाहरी लोगों को गलत तरीके से नौकरी दी गई है. उदाहरण के तौर पर झंडाबादी के पार्थ मुखर्जी, बांकुड़ा के बंटी महंत, पुरुलिया के विश्वनाथ गोराईं, बेनाचिटी अन्नपूर्णा नगर के राजेश्वर यादव और तुहिन डे सहित अन्य नामों का उल्लेख किया गया, जो ठेका कंपनियों के तहत अस्थायी नियुक्ति पर हैं.

यूनियन ने आरोपों को बताया निराधार

तृणमूल ट्रेड यूनियन की कोर कमेटी के सदस्य मानस अधिकारी ने इन आरोपों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि यूनियन हमेशा स्थानीय युवकों की नियुक्ति के लिए निजी ठेका कंपनियों से आवेदन करती है. प्लांट में दक्ष श्रमिकों की नियुक्ति का अधिकार ठेका कंपनियों को है और उनके काम में हस्तक्षेप यूनियन के नियमों के खिलाफ है. अधिकारी ने कहा कि कमेटी प्रचार के उद्देश्य से इस तरह के बयान दे रही है.

कमेटी की छह मुख्य मांगें

श्री मुखर्जी ने बताया कि मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में छह मांगें रखी गयी हैं:

भूमि पुत्रों को जमीन का मालिकाना हक.

डीएसपी व एएसपी में पारदर्शी भर्ती प्रणाली फिर लागू करना.

घूस लेकर नौकरी देनेवालों की तत्काल जांच.

बाहरी लोगों की पैसों के बदले नियुक्ति बंद करना.

कोर कमेटी के सदस्यों की भूमिका पर पुनर्विचार व जरूरी होने पर नयी कमेटी गठन.

पैसों के बदले नौकरी पानेवालों की सूची सार्वजनिक करना.

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