राज्य सरकार ने सूचित किया राज्य चुनाव आयुक्त को
शहरी विकास विभाग के सचिव मिले, की मंत्रणा मुद्दे पर
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के चुनाव के लिए आधिकारिक चुनावी अधिसूचना आगामी नौ सितंबर को जारी की जायेगी तथा आगामी तीन अक्तूबर को हो मतदान होगा. राज्य चुनाव आयोग तथा पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के बीच इस आशय की सहमति बन गयी है. सनद रहे कि यह अधिसूचना बीते तीन सितंबर को ही जारी होनी थी.
लेकिन बाला नगरपालिका के 16 वार्डो के चुनाव को लेकर बने गतिरोध के कारण इसे जारी नहीं किया जा सका था. इसके साथ ही विधाननगर-राजारहाट नगर निगम तथा हावड़ा नगरपालिका के लिए मतदान होगा.
राज्य चुनाव आयोग ने बीते अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में आसनसोल नगर निगम के चुनाव के लिए चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी. इसके अनुसार तीन सितंबर को चुनावी अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र जमा होने थे.
नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि थी. तीन अक्तूबर को मतदान, आवश्यकता होने पर पांच अक्तूबर को पुनर्मतदान तथा सात अक्तूबर को मतगणना होनी थी. सभी राजनीतिक पार्टियों ने इसी कार्यक्रम के तहत तैयारियां शुरू कर दी थी. चुनाव अधिकारी तथा महकमाशासक अमिताभ दास ने इसके लिए सर्वदलीय बैठक भी कर ली थी तथा दो स्कूलों में नामांकन की व्यवस्था कर ली गयी थी.
आगामी 10 सितंबर तक इन स्कूलों में छुट्टी भी दे दी गयी थी. लेकिन तीन सितंबर को चुनावी अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण नामांकन पत्र निर्गत नहीं किये गये. इसके साथ ही अटकलों का दौर शुरू हो गया. हालांकि अनधिकृत तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दे दिया था कि नौ सितंबर को अधिसूचना जारी की जा सकती है.
इधर अधिसूचना जारी न होने पर विपक्षी पार्टियों ने सत्ताशीन तृणमूल के खिलाफ हमले तेज कर दिये. उनका कहना था कि राजनीतिक हार की आशंका के कारण ही तृणमूल व राज्य सरकार चुनाव से पीछे हट रही है. नगर निगम का चुनाव बीते वर्ष जुलाई में होना था.
लेकिन मई में संसदीय चुनाव में भाजपा के हाथों मिली 70 हजार मतों की हार को देखते हुए राज्य सरकार ने चुनाव कराने से इंकार कर दिया था तथा प्रशासक की नियुक्ति कर नगर निगम का संचालन हो रहा था. राज्य चुनाव आयोग के कोलकाता हाइ कोर्ट में जाने के बाद इस पर गतिरूद्धता टूटी तथा सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार व राज्य चुनाव आयोग ने तीन अक्तूबर को चुनाव कराने पर सहमति जतायी. विपक्षियों ने खासकर वामपंथी नेताओं ने कहा कि जनता के बीच तृणमूल की लोकप्रियता तेजी से घटी है.
पहले नवान्न मार्च और बाद मं दो सितंबर की औद्योगिक बंदी को मिली अभूतपूर्व समर्थन से राज्य सरकार घबड़ा गयी है. इस कारण वह तीन अक्तूबर को भी चुनाव नहीं कराना चाहती है. वामो नेतृत्व ने राज्य चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंप कर चुनाव कराने की मांग की.
राजनीतिक सूत्रों की माने तो चुनावी अधिसूचना जारी न होने से राज्य सरकार के कई वरीय मंत्री भी नाराज थे.उनका तर्क था कि जनता तृणमूल के साथ है. लेकिन चुनाव स्थगन के संकेत से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है. उन्होंने विभिन्न माध्यमों से केंद्रीय नेतृत्व को समझाया कि इस गलत संदेश के साथ ही विपक्ष को भी एक नया मुद्दा मिल जायेगा. इस स्थिति में सरकार व पार्टी की परेशानी बढ़ जायेगी. तृणमूल नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव भगवती प्रसाद गोपालिका को निर्देश दिया कि वे राजय चुनाव आयुक्त सुकांत रंजन उपाध्याय से इस संबंध में बात करें. श्री उपाध्याय के साथ हुई बैठक में सहमति बनी कि बाली नगरपालिका के 16 वार्डो में उप चुनाव के नाम पर मतदान कराया जा सकता है.
इसके लिए अलग से अध्यादेश जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद आगामी नौ सितंबर को चुनावी अधिसूचना जारी करने का निर्णय लिया गया. राज्य सरकार ने इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग को अपनी लिखित स्वीकृति दे दी है.
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नौ सितंबर को अधिसूचना जारी होते ही नामांकन पत्र जारी करने व नामांकन पत्र जमा करने का कार्य शुरू कर दिया जायेगा. 10 या 11 सितंबर तक नामांकन की अंतिम तिथि रहेगी. शेष चुनाव कार्यक्रम पूर्ववत रहेंगे. इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को सूचित कर दिया जायेगा. जरूरत पड़ने पर सर्वदलीय बैठक भी की जा सकती है. नामांकन के लिए कम अवधि मिलने के बाद भी प्रचार के लिए प्रत्याशियों को पर्याप्त समय मिलेगा.
