बांकुड़ा. 16 जनवरी को देशव्यापी विरोध दिवस के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बांकुड़ा शहर के माचनतला स्थित आकाश मुक्त मंच पर विरोध सभा का आयोजन किया गया. सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को किसान, मजदूर और आम जनता विरोधी बताते हुए तीखा हमला बोला.
मनरेगा और जी राम जी पर आपत्ति
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार, हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद मनरेगा कानून को कमजोर करने के उद्देश्य से वीबी-जी राम जी नामक नया कानून लायी है. आरोप लगाया गया कि इससे मेहनतकश लोगों का काम करने का कानूनी अधिकार छीना जा रहा है. काम न मिलने पर भत्ता देने का प्रावधान हटाया गया है और आर्थिक जिम्मेदारी केंद्र से हटाकर राज्यों पर डाली जा रही है. खेती के सही सीजन में काम बंद कर ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी तय करने का अधिकार गांव के जमींदारों को सौंपने की कोशिश हो रही है.
बीज बिल और एसआइआर को लेकर सवाल
सभा में कहा गया कि नया बीज बिल लाकर बीज बाजार को देसी-विदेशी कॉर्पोरेट्स के लिए खोल दिया गया है. वहीं चुनाव आयोग की एसआइआर प्रक्रिया के जरिये वोटर लिस्ट से गरीब और मेहनतकश लोगों को बाहर करने की कोशिश की जा रही है. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तरह-तरह के दस्तावेज मांगकर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है.
वक्ताओं की मांग
बैठक में जिला सचिव राम निवास बास्के, भाकपा माले जिला सचिव बबलू बनर्जी और भाकपा नेता भास्कर सिन्हा ने जी राम जी बिल रद्द करने, मनरेगा के तहत 100 दिन काम का अधिकार बहाल करने और किसान विरोधी बीज बिल को वापस लेने की मांग की. उन्होंने एसआइआर के नाम पर आम नागरिकों को परेशान करने का आरोप लगाया.हड़ताल का आह्वान
एटक नेता संजू बाराट ने मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने की मांग करते हुए 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया. चिकित्सक सोमराज मुखर्जी और विष्णुपुर कोर्ट के अधिवक्ता सायंतन रॉय ने भी विचार रखे. सभा के अंत में जी राम जी बिल व बीज बिल की प्रतियां जला विरोध दर्ज कराया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

