केएसटीपी आवासीय क्षेत्र में ननि से जी+6 की मंजूरी कैसे मिली?

Updated at : 23 Dec 2019 3:16 AM (IST)
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केएसटीपी आवासीय क्षेत्र में ननि से जी+6 की मंजूरी कैसे मिली?

आसनसोल : कन्यापुर सेटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट (केएसटीपी) के आवासीय क्षेत्र सेक्टर एच के प्लॉट संख्या सीबी/14 पर बने जी+6 बहुमंजिली इमारत को आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) द्वारा तोड़ने का नोटिस और प्लॉट का लीज डीड चार जनवरी 2013 को रद्द करने के बाद आसनसोल नगर निगम (ननि) ने ऊक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य को […]

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आसनसोल : कन्यापुर सेटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट (केएसटीपी) के आवासीय क्षेत्र सेक्टर एच के प्लॉट संख्या सीबी/14 पर बने जी+6 बहुमंजिली इमारत को आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) द्वारा तोड़ने का नोटिस और प्लॉट का लीज डीड चार जनवरी 2013 को रद्द करने के बाद आसनसोल नगर निगम (ननि) ने ऊक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य को पोस्ट फैक्टो मंजूरी 20 अप्रैल 2015 को कैसे दे दी इसके जवाब का रहस्य बरकरार है.

इस मुद्दे पर ननि के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं. ननि के आयुक्त खुर्शीद अली कादरी को ऊक्त निर्माण से संबंधित सभी कागजात भेजकर उनसे इस मुद्दे पर ननि का पक्ष मांगा गया. जिसका जवाब नहीं मिला है.
क्या है मामला?
केएसटीपी के आवासीय क्षेत्र में प्लॉट संख्या सीवी/14 कोलकाता निवासी मोहम्मद अनवर अली को वर्ष 1993 में आवंटित हुआ. प्लॉट का लीज डीड सात मार्च 2002 को लागू हुआ. वर्ष 2012 में अड्डा के सर्वे टीम ने जांच में पाया कि ऊक्त प्लॉट पर जी+5 की बहुमंजिली इमारत बन रही है. जिसकी कोई मंजूरी नहीं थी. सभी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अड्डा ने चार जनवरी 2013 को ऊक्त प्लॉट का लीज रद्द कर और निर्माण कार्य को तोड़ने का नोटिस जारी किया. 20 अप्रैल 2015 को ननि से इस निर्माण के प्लान की मंजूरी दे दी.
ननि से अड्डा ने निर्माण प्लान की जानकारी मांगी, नहीं मिली
18 जुलाई 2012 को अड्डा के तत्कालीन सर्वेयर एसके दत्ता ने जांच में पाया कि ऊक्त प्लॉट पर जी+5 बहुमंजिली इमारत का निर्माण हो रहा है. नियमानुसार आवासीय इलाके में बहुमंजिली इमारत निर्माण की अनुमति नहीं होती है.
जिसे लेकर अड्डा ने प्लॉट के पट्टेदार मोहम्मद अनवर अली को निर्माण से संबंधित कागजात लेकर उपस्थित होने के लिए अनेकों बार चिट्ठी भेजा. चिट्ठी का जवाब भी दिया गया, लेकिन निर्माण से संबंधित ननि की मंजूरी का कोई कागजात जमा नहीं करने पर अड्डा ने चार जनवरी 2013 को ऊक्त प्लॉट का लीज रद्द कर दिया.
इसी दिन निर्माण को तोड़ने का नोटिस भी जारी कर दिया. इस नोटिस की प्रति ननि कार्यालय में भेजकर ऊक्त प्लॉट पर किसी प्रकार की निर्माण की अनुमति नहीं देने के लिए कहा. 19 मार्च 2013 को अड्डा से ननि के आयुक्त को पत्र भेजकर ऊक्त निर्माण से संबंधित जानकरी मांगी. कोई जवाब नहीं मिलने पर पुनः 26 जून 2013 को रिमाइंड पत्र भेजते हुए जवाब देने का आग्रह किया गया. कोई जवाब नहीं मिला.
अड्डा के आग्रह को दरकिनार कर साइट प्लान की मंजूरी
2013 में अड्डा ने जिस निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए प्लॉट का लीज रद्द किया और निर्माण को ध्वस्त करने का नोटिस दिया, उस प्लॉट पर बने निर्माण कार्य के साइट प्लान को ननि ने 20 अप्रैल को मंजूरी दे दी. जिसकी जानकारी अड्डा को नहीं मिली.
बी+जी+5 भवन के निर्माण की मंजूरी मिली
ननि के बोर्ड ऑफ एडमिनिट्रेटर्स के चेयरपर्सन ने ऊक्त जमीन पर बने निर्माण कार्य के अल्टरनेशन प्लान की मंजूरी दी. की प्लान में जी+5 दर्शाया गया. अल्टरनेशन प्लान में बेसमेंट (बी)+ ग्राऊंड फ्लोर (जी)+ 5 की मंजूरी दी गयी. 15 नवम्बर 2017 को अड्डा की सर्वे टीम ने जांच में पाया कि ऊक्त प्लॉट पर जी+6 का निर्माण पूरा हो चुका है. वहां उपस्थित श्री अली के भाई जमशेद ने अड्डा के आधिकरियों को ननि द्वारा मंजूर किया गया साईट प्लान दिखाया.
मंजूर साइट प्लान का भी हुआ उल्लंघन
अड्डा की सर्वे टीम में जांच में पाया कि बेसमेंट नहीं है. ग्राऊंड फ्लोर से ही जी+6 का निर्माण हो गया है. इसके बाद से अड्डा ने अपनी हर चिट्ठी में जी+6 का ही जिक्र किया, बेसमेंट का जिक्र कहीं नहीं किया. इसके अलावा भी ग्राऊंड कवरेज एरिया, ग्राऊंड कवरेज प्रतिशत, भवन के साइड एक और पीछे खाली जमीन छोड़ने के मामले में मंजूर साईट प्लान के नियम का उल्लंघन हुआ है.
श्री अली ने अड्डा को कहा ननि सभी सवालों का जवाब देगा
नियमों का उलंघन कर जी+6 का निर्माण करने को लेकर अड्डा ने पुनः श्री अली को 17 नवम्बर 2017 को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा कि आपका निर्माण क्यों नहीं तोड़ा जाय. कोई जवाब न मिलने पर 19 दिसम्बर 2017 अड्डा ने रिमाइंडर लेटर भेजा. श्री अली ने दो जनवरी 2018 को जवाब में लिखा कि मैं एक कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं. आसनसोल नगर निगम ने 20 अप्रैल 2015 में योजना को मंजूरी दी है.
अड्डा के नोटिस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए लिखा कि जब मैंने अपने भवन को विधिपूर्वक पूरा कर लिया है और विधिवत मंजूरी दी गयी है तो इस तरह का पत्र जारी करना बहुत दर्दनाक है. यदि आपके पास कोई प्रश्न है तो कृपया आसनसोल नगर निगम से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र महसूस करें, जो आपके सभी सवालों के संतोषजनक जवाब देने के लिए सक्षम है.
क्या नियम है, मंजूरी क्या मिली, निर्माण क्या हुआ?
अड्डा की सर्वे टीम द्वारा केएसटीपी आवासीय क्षेत्र में बने बहुमंजिली इमारत की फिजिकल जांच में पाया कि पश्चिम बंगाल म्युनिसिपल बिल्डिंग रूल 2007 के अनुसार ऊक्त प्लॉट पर 14.5 मीटर उच्चता वाला मकान ही बन सकता है, नगर निगम ने 19.95 मीटर उच्चता की मंजूरी दी, भवन की वर्तमान उच्चता 19.60 मीटर है.
नियम में ग्राऊंग कवरेज 183 वर्ग मीटर होना चाहिए, ननि ने 208.30 वर्ग मीटर की मंजूरी दी, निर्माण 241.69 वर्ग मीटर पर हुआ. नियम में ग्राऊंड कवरेज परसेंटेज 59.67 प्रतिशत होना चाहिए, ननि ने 67.92 प्रतिशत की मंजूरी दी, 78.80 प्रतिशत कवरेज पाया गया.
नियम में फ्लोर एरिया रेसिओ (एफएआर) 2.0 होनी चाहिए, निगम ने 4.0 की मंजूरी दी, 4.0 पाया गया. भवन के सामने 1.5 मीटर जमीन, साईड एक में 1.5 मीटर, साईड दो में 2.5 मीटर जमीन और पीछे 4.0 मीटर जमीन खाली छोड़ने का नियम है, ननि ने क्रमशः 0.60 मीटर, 1.05 मीटर, 2.80 मीटर और 1.75 मीटर की मंजूरी दी, खाली जगह क्रमशः 0.60 मीटर, 0.70 मीटर, 2.80 मीटर और 1.5 मीटर छोड़ा गया.
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