प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से

By Prabhat Khabar Digital Desk
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शिल्पांचलlकार्रवाई ना होने से दुकानदारों के हौसले बुलंद, जागरूकता के बाद भी रुक नहीं रहा उपयोग

दुर्गापुर : प्रशासन ने प्लास्टिक कैरी बैग पर रोक लगा रखी है, लेकिन शिल्पांचल व इसके आसपास के इलाके में इनका उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है. शहर के बेनाचिती सहित विभिन्न बाजारों में सब्जी विक्रेता से लेकर बड़े दुकानदार कैरी बैग का उपयोग करते नजर आ जायेंगे. प्लास्टिक कैरी बैग का बेधड़क इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे पर्यावरण के साथ मानव व पशुओं को भी काफी खतरा है.
जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कार्रवाई करने से झिझक रहे हैं. बताया जाता है कि महकमा प्रशासन ने दुर्गापुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से इलाके में प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर बैन लगाया था. दुकानों में इसका उपयोग करने पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इस आदेश के बाद कुछ दिनों तक तो इस पर अमल हुआ.
तत्कालीन महकमा शासक शंख सांतरा की ओर से प्रतिबंधित पॉलिथीन का प्रयोग करने पर कार्रवाई करते हुए जब्ती की कार्रवाई की गयी. समय के साथ कार्रवाई थम गयी और फिर से प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग बढ़ने लगा है. शहर में अधिकतर दुकानदार पॉलिथीन का प्रयोग कर रहे हैं और प्रशासन आंखें बंद कर तमाशा देख रही है.
बताया जाता है कि प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग गंभीर रूप से हानिकारक है, गटर नालियों को भी ये अवरुद्ध करते हैं. इसके फलस्वरूप गंभीर पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न होती हैं.
इस बाबत दुर्गापुर चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव भोला भगत का कहना है कि प्लास्टिक के बैग को लेकर चेंबर की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने के कारण लोग मनमाने तरीके से प्लास्टिक बैग का उपयोग कर रहे हैं. रोक के बावजूद बाजारों में दुकानदार पॉलीथिन में सामान दे रहे हैं.
इसका उपयोग करने के बाद लोग पॉलिथीन को इधर-उधर फेंक देते हैं. इसकी वजह से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है. 40 माइक्रॉन की प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग सब्जियां और सामान देने में किया जा रहा है. प्लास्टिक कैरी बैग के इस्तेमाल से यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे रोकने वाले अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति कितने गंभीर हैं.
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