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दुर्गापुर : सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए बर्दवान शहर में अस्पताल की सुविधा नहीं

Updated at : 04 Mar 2019 4:06 AM (IST)
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दुर्गापुर :  सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए बर्दवान शहर में अस्पताल की सुविधा नहीं

दुर्गापुर : पुलवामा में आतंकी हमले ने पूरे देश में युद्ध की स्थिति पैदा कर दी है. एक तरफ मारे गए सैनिकों को स्मरण किया जा रहा है, दूसरी तरफ पाकिस्तान के खिलाफ बदले की आवाज उठ रही है. वहीं जो सैनिक देश की सुरक्षा और देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों को खतरे […]

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दुर्गापुर : पुलवामा में आतंकी हमले ने पूरे देश में युद्ध की स्थिति पैदा कर दी है. एक तरफ मारे गए सैनिकों को स्मरण किया जा रहा है, दूसरी तरफ पाकिस्तान के खिलाफ बदले की आवाज उठ रही है.
वहीं जो सैनिक देश की सुरक्षा और देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों को खतरे में डाल रहे हैं उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. वहीं सेवानिवृत्त सैनिक को अपने इलाज के लिए बर्दवान से पानागढ़ 50 किमी का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है.
बताया जाता है की 2002 में बर्दवान शहर के सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए केंद्रीय रक्षा कार्यालय ने एक एक्स-सर्विस कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम शुरू करने की मंजूरी दी थी, जो आज तक मुर्त रूप नहीं ले सकी है. जानकारी के अनुसार तत्कालीन कर्नल मुखर्जी बर्दवान में आयोजित सेवानिवृत्त सैनिकों की एक बैठक में कहा था की पानगढ़ से हटाकर शहर में ईसीएचएस का विस्तार किया जाएगा.
इसके मद्देनजर काफी पत्राचार भी हुआ लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. इस कारण सेवानिवृत्त सैनिकों के स्वास्थ्य जांच या उपचार के लिए पॉलीक्लीनिक आज तक स्थापित नहीं हुआ. परिणामस्वरूप, सेवानिवृत्त सैनिक और उनके परिवार के सदस्य एक समान स्थिति में रह रहे हैं.
इंडियन एक्स सर्विसेज लीग की बर्दवान इकाई के अध्यक्ष तापस मुखोपाध्याय ने कहा कि जिला सैनिक बोर्ड के तहत अविभाजित बर्दमान जिले के 10883 सदस्यों में 1363 विधवाएं भी हैं. बर्दमान के अलावा, बीरभूम जिले के सेवानिवृत्त लोग भी लीग के अंतर्गत हैं. लीग के तहत बीरभूम जिले में 4884 सदस्य और 643 विधवाएं हैं.
30 दिसंबर 2002 को सरकार की घोषणा के बाद, राज्य सरकार और जिला प्रशासन को केंद्रीय संरक्षित क्षेत्र से आवश्यक स्थान के लिए एक पत्र भेजा था. फिर 2008 में, बर्दमान में सेवानिवृत सैनिकों के एक कार्यक्रम में तत्कालीन राज्य मंत्री, निरुपम सेन ने वादा किया कि राज्य सरकार ईसीएचएस के लिए आवश्यक जमीन देगी लेकिन जमीन वादे के मुताबिक नहीं मिली.
2016 में, जिला भूमि विभाग की ओर से केंद्रीय रक्षा विभाग तथा पानगढ़ हेड क्वार्टर में बर्दवान शहर के कंचननगर इलाके में एक भूमि के बारे में सूचित किया गया था.
जिला भूमि विभाग की ओर से एक आवश्यक 700 वर्ग फीट क्षेत्र की पहचान की गई थी. जमीन के हस्तांतरण के लिए 45 लाख की मांग की गई लेकिन उसके बाद भी कार्य आगे नहीं बढ़ा. इसे लेकर बीते साल भी, जिला भूमि कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया था.
उन्होंने कहा कि चूंकि यह सेवानिवृत्त सैनिकों का मामला है, वे चाहते हैं कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन निःशुल्क उन्हे जमीन प्रदान करें. इसके लिए जल्द ही वे फिर से जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन देंगे. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (भूमि) शशि कुमार चौधरी ने कहा कि किसी ने उनसे अनुरोध नहीं किया है. हालांकि, उन्हें यह नहीं पता कि इससे पहले कार्यालय से कुछ कदम उठाए गए हैं या नहीं.
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