कोर्ट ने चार दिनों की रिमांड पर सौंपा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Feb 2019 1:56 AM

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश ट्रायल कोर्ट में हाजिर होने का जमानत के लिए वकीलों की फौज ने दी पौने दो घंटे दलील सेना में व्यवहृत पिस्टल की सूचना से चौकस हुए पुलिस अधिकारी आसनसोल : केटेरर राणा बनर्जी हत्या कांड में आरोपी कृष्णेन्दू मुखर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को जिला […]

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश ट्रायल कोर्ट में हाजिर होने का

जमानत के लिए वकीलों की फौज ने दी पौने दो घंटे दलील
सेना में व्यवहृत पिस्टल की सूचना से चौकस हुए पुलिस अधिकारी
आसनसोल : केटेरर राणा बनर्जी हत्या कांड में आरोपी कृष्णेन्दू मुखर्जी ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर शुक्रवार को जिला सेशन कोर्ट में अतिरिक्त जिला जज (एडीजे) स्पेशल कोर्ट मनोज राय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. उसके पक्ष में सर्वोच्च अदालत के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने जमानत की अर्जी दी. पुलिस जांच अधिकारी सरोज पति ने जांच के लिए 14 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे श्री राय ने चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की. पुलिस हत्याकांड के साक्ष्य के साथ ही उसकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी की योजना बना रही है. पुलिस को सूचना है कि सेना में व्यवहृत पिस्टल सहित कई विदेशी हथियार बरामद हो सकते हैं.
मामले का फ्लैश बैक
हीरापुर थाना अंतर्गत नवाघंटी निवासी व केटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी की हत्या 17 नवंबर,0 2017 को हुयी. उसके पिता दीनबंधु बनर्जी की प्राथमिकी पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 302/201/326/307/34 तथा 25/27 आर्म्स एक्ट व एडिंग सेक्शन 120बी के तहत मामला दर्ज किया. जांच के दौरान सात लोगों को आरोपी बनाया. जिसमें पांच आरोपी न्यायिक हिरासत में है. दो आरोपी कृष्णेन्दू और रीतेन बसाक उर्फ फूफा पुलिस के गिरफ्त से बाहर थे. कांड में पुलिस ने दोनों को भगोड़ा बता तीन माह में पांच के खिलाफ चार्जशीट जमा किया तथा कस्टडीरियल ट्रायल की अपील की. इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पूरक आरोपपत्र जमा करने की बात कही गई. शुक्रवार को कांड के आरोपी कृष्णेदु मुखर्जी ने सरेंडर कर दिया.
15 माह बाद पुलिस गिरफ्त में
कृष्णेन्दू गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत के लिए जिला अदालत, उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक अपील की. सर्वोच्च न्यायालय में 31 जनवरी, 2019 को हुयी सुनवाई में आठ फरवरी तक उसे ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने को कहा गया. पुलिस को इस बीच किसी भी मामले में उसे गिरफ्तार न करने की हिदायत दी गई. सरेंडर की पूर्व सूचना 48 घंटे पूर्व कांड के जांच अधिकारी को देने को कहा गया. जिसके आधार पर कृष्णेन्दू ने सरेंडर करने की पूर्व सूचना जांच अधिकारी को दी और शुक्रवार को सरेंडर किया.
दो घंटे तक अदालत मेंचली बहस
कृष्णेन्दू ने सुबह साढ़े दस बजे अतिरिक्त जिला जज स्पेशल कोर्ट श्री राय के समक्ष सरेंडर किया. उसके वकील श्री सिंह ने अर्जी अदालत में दी और जमानत की अपील की. इधर हत्याकांड के जांच अधिकारी श्री पति ने 14 दिन की पुलिस रिमांड की अपील की. दोनों पक्षों ने पौने दो घंटों तक अपने-अपने पक्ष में दलीलें दी.
लोडशेडिंग के कारण निर्णय में विलंब
मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला जज श्री राय ने निर्णय सुरक्षित रखा और लंच के निर्णय देने की बात कही. दोपहर तीन बजे के बाद बिजली गुल हो गयी. बिजली बहाल होने के समय की जानकारी जिला अभियंता से ली गई. बिजली न रहने से कम्प्यूटर में निर्णय की प्रति प्रिंट नही हो पा रही थी. बिजली पांच बजे आयी. जज ने आकर बताया कि बिजली न रहने के कारण निर्णय देने में विलंब हुआ है.
अदालत में खचाखच भरी थी भीड़
कृष्णेन्दू के सरेंडर करने को लेकर पुलिस ने अदालत परिसर में जगह जगह पुलिस की तैनाती की थी. भारी संख्या में कृष्णेन्दू के समर्थक भी अदालत में मौजूद दे. कृष्णेन्दू का चचेरा भाई सोमनाथ भी उपस्थित था. एसीपी (वेस्ट) शान्तब्रत चंद, हीरापुर के पूर्व सर्किल इंस्पेक्टर अभिजीत चटर्जी, हीरापुर थाना के प्रभारी सौमेन्द्र नाथ सिंह ठाकुर, आसनसोल साउथ पुलिस पोस्ट के प्रभारी अमित हालदार सहित भारी संख्या में पुलिस के जवान अदालत में उपस्थित थे. कृष्णेन्दू के खिलाफ जितने भी मामले है, सभी मामलों के शिकायतकर्ता अपने अपने अधिवक्ताओं के साथ अदालत में उपस्थित थे. उन्हें नहीं पता था कि पुलिस किस मामले में अदालत में प्रेयर डालेगी. इसलिए सभी शिकायतकर्ता अपने अधिवक्ता के साथ मौजूद थे कि जिस मामले में प्रेयर होगा. उसपर वे तैयार रहेंगे.
वकीलों की पूरी फौजथी मौजूद
सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री सिंह के नेतृत्व में कोलकाता उच्च न्यायालय, बर्दवान जिला अदालत, दुर्गापुर महकमा अदालत, आसनसोल जिला अदालत से 18 वकीलों की टीम कृष्णेन्दू के पक्ष में उपस्थित थी.
11 को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई
सर्वोच्च न्यायलय के निर्णय के आधार पर कृष्णेन्दू आठ फरवरी तक ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करता है या नहीं, इसे लेकर 11 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की तारीख दी गयी है. सूत्रों के अनुसारपुलिस किसी भी मामले में उसके खिलाफ सोन अरेस्ट की अर्जी अदालत में नहीं डालेगी. उसके खिलाफ आठ मामलों में अदालत से अरेस्ट वारंट जारी हुआ है. 12 फरवरी को पुनः पेशगी का दिन निर्धारित है. 12 फरवरी से पुलिस अन्य सभी मामलों में सोन अरेस्ट डालेगी.
हथियारों की बरामदगी का प्रयास
पुलिस के पास सूचना है कि कृष्णेन्दू के पास ग्लॉक पिस्टल के साथ कुछ ऐसे हथियार है, जो सिर्फ सेना के पास होती है. यह आम आदमी के इस्तेमाल के लिए नहीं होता है. यह हथियार माओवादी या आतंकवादी सेना के जवानों पर हमला करके उनसे छीन लेते है. इसप्रकार के कुछ हथियार उसके पास है. इन हथियारों की भी बरामदगी के लिए भी पुलिस प्रयास करेगी.
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