इंटक-एचएमएस विलय कांग्रेस आलाकमान की सहमति के बाद

Updated at : 29 Jul 2018 11:05 PM (IST)
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इंटक-एचएमएस विलय कांग्रेस आलाकमान की सहमति के बाद

वकीलों की राय के बाद ददई गुट के विलय पर होगा अंतिम निर्णय महाबली व केके तिवारी गुट ने हार के बाद भेजा समझौते का प्रस्ताव आसनसोल : ऑल इंडिया इंटक की वर्किंग कमेटी की दो दिवसीय बैठक लिये गये कई प्रस्तावों के साथ संपन्न हुई. पारित प्रस्तावों में मुख्य रूप से इंटक के साथ […]

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वकीलों की राय के बाद ददई गुट के विलय पर होगा अंतिम निर्णय

महाबली व केके तिवारी गुट ने हार के बाद भेजा समझौते का प्रस्ताव
आसनसोल : ऑल इंडिया इंटक की वर्किंग कमेटी की दो दिवसीय बैठक लिये गये कई प्रस्तावों के साथ संपन्न हुई. पारित प्रस्तावों में मुख्य रूप से इंटक के साथ एचएमएस के विलय पर निर्णय हुआ कि कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी तथा सोनिया गांधी से बात करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जायेगा. दोनों की सहमति तथा स्वीकृति के बाद ही विलय का प्रस्ताव पारित होगा, तब तक के लिए यह मामला विचाराधीन रहेगा.
महाबली, तिवारी गुटों का मामला वर्किंग कमेटी में
कहा गया कि हाल ही में दिल्ली के पटियाला कोर्ट में इंटक के मबाबली मिश्रा तथा केके तिवारी गुट केस हार गये हैं तथा इंटक नेता संजीवा रेड्डी के पक्ष में फैसला आया है. इनकी ओर से भी समझौते का प्रस्ताव आया है. इस पर वर्किंग कमेटी के निर्णय के बाद कोई फैसला होगा. इंटक नेता ददई दूबे उर्फ चन्द्रशेखर दूबे के साथ विलय पर भी चर्चा हुई. इस बारे में प्रस्ताव लिया गया कि इस संबंध में दोनों पक्षों के वकीलों से बात कर आगे निर्णय होगा. साथ ही सभी राज्यों की इंटक कार्यकारिणी से भी राय-मशविरा होगा. उचित समय पर इसका उचित निर्णय लिया जायेगा.
सत्ता पक्ष के लिए काम कर रहा बीएमएस
यह भी प्रस्ताव पास हुआ कि फिलहाल पूरे देश में इंटक के 3.30 करोड़ सदस्य हैं. भारत सरकार की ओर से सदस्यता जांच का काम लंबित रखा गया है. इसे कांग्रेस आलाकमान को अवगत कराया जायेगा तथा जरूरत पड़ने पर देश के प्रधानमंत्री तथा श्रम मंत्री से यूनियन का उच्चस्तरीय डेलीगेशन मिल कर यूनियन के सत्यापन में तेजी लाने का आग्रह किया जायेगा. यह भी प्रस्ताव पास किया गया कि इंटक के
सदस्य अपने परिवार से कांग्रेस का तीन-तीन सदस्य बनायेंगे.

बैठक में हर स्टेट का बकाया संबंधन शुल्क को क्लीयर करने, महिला इंटक का एकाउंट खोलने का प्रस्ताव लिया गया. इसके अलावा यह भी प्रस्ताव लिया गया कि चूंकि बीएमएस सत्ता पक्ष के लिए काम कर रहा है, इसलिए सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियनों की सहमति के बाद ही ट्रेड यूनियनों के ज्वायंट फ्रंट में बीएमएस को शामिल करने का निर्णय होगा,. साथ ही कोल इंडिया के अलावा देश के अन्य पब्लिक सेक्टर में अनुकंपा तथा मेडिकल अनफिट पर नियोजन बहाल रखने तथा सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ा कर 65 वर्ष करने की मांग की गई.

व्यापक आंदोलन की रूपरेखा पर बल
बैठक में दूसरे दिन मुख्य रूप से मौजूद एआइसीसी के सदस्य तरूण जी ने कहा कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों के लिए कार्य कर रही है. वर्ष 2019 के संसदीय चुनाव में भी महागठबंधन की सरकार देश में बनेगी. बैठक की अध्यक्षता कर रहे इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ जी संजीवा रेड्डी ने कहा कि इंटक देश का सबसे बड़ा मजदूर संगठन है. अब इंटक पूरे देश में कांग्रेस की ताकत को और भी मजबूत करेगा. देश के सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए इंटक अपने सहयोगी मजदूर संगठनों के साथ व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा. इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इंटक के सभी कमेटियों से बाहर होने से कोयला उद्योग व कोयला मजदूरों पर प्रबंधकीय हमला बढ़ा है.
इनकी भी सहभागिता
बैठक क पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय, राजस्थान इंटक के प्रदेश अध्यक्ष, महिला इंटक की राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूथ इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित कई ने संबोधित किया.
लिये गये प्रमुख प्रस्ताव
· वकीलों की राय के बाद ददई दूबे के साथ समझौते पर निर्णय
· इंटक के सभी सदस्य बनायेंगे कांग्रेस के तीन-तीन सदस्य
· इंटक की सदस्यता के सत्यापन का सरकार से होगा आग्रह
· महिला इंटक का अलग से खोला जायेगा बैंक अकाउंट
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