दुर्गापुर, रानीगंज में श्रद्धा व भक्ति के साथ की गयी मां विपदतारिणी की पूजा

Updated at : 18 Jul 2018 1:04 AM (IST)
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दुर्गापुर, रानीगंज में श्रद्धा व भक्ति के साथ की गयी मां विपदतारिणी की पूजा

दुर्गापुर/रानीगंज : मां विपदतारिणी की पूजा मंगलवार को दुर्गापुर, रानीगंज तथा इसके आसपास के इलाके में श्रद्धा-भक्ति के साथ की गई. मां विपदतारिणी की पूजा को लेकर धर्मस्थान, दुर्गास्थान व अन्य मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लगी रही. महिलाओं ने उपवास रखकर 13 प्रकार के फल, फूल, मिष्ठान का भोग लगाकर विधि-विधान […]

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दुर्गापुर/रानीगंज : मां विपदतारिणी की पूजा मंगलवार को दुर्गापुर, रानीगंज तथा इसके आसपास के इलाके में श्रद्धा-भक्ति के साथ की गई. मां विपदतारिणी की पूजा को लेकर धर्मस्थान, दुर्गास्थान व अन्य मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लगी रही. महिलाओं ने उपवास रखकर 13 प्रकार के फल, फूल, मिष्ठान का भोग लगाकर विधि-विधान से मां विपदतारिणी की पूजा की और अपने संतान तथा परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की.
बंगाली समुदाय की महिलाएं विशेष रूप से मां विपदतारिणी की पूजा-अर्चना करती हैं. इस पूजा का आयोजन भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के बाद किया जाता है. मान्यता है कि मां विपदतारिणी की भक्ति भाव से पूजा करने से परिवार में आनेवाली विपत्ति स्वत: समाप्त हो जाती है. इस पूजा में प्रथम दिन पवित्र रह कर और दूसरे दिन उपवास कर मंदिरों में पुरोहित की उपस्थिति में पूजा-अर्चना करने की प्रथा है.
इसके मद्देनजर भिरंगी काली मंदिर परिसर सहित अन्य मंदिरो में बंगाली समुदाय की महिलाओं ने मां विपदतारिणी देवी की पूजा विधि-विधान से की. इस दौरान मंदिर के पंडितों ने उपस्थित सभी महिलाओं को विपदतारिणी देवी की पूजा-अर्चना विधि विधान से करायी. पंडितों ने महिलाओं को देवी की कथा का श्रवण कराया.
विपदतारिणी देवी की पूजा आषाढ़ मास में संपन्न होती है. रथयात्रा के बाद प्रथम मंगलवार एवं शनिवार को की जाती है. अपने घर परिवार को आगत विपदाओं से रक्षा के लिए साल में एक बार मां विपदतारिणी की पूजा की जाती है. बंगाली समुदाय के साथ-साथ दूसरे समुदाय के लोग भी देवी विपदतारिणी की पूजा अर्चना करते हैं.
रानीगंज, जामुड़िया अंचल के विभिन्न मंदिरों में भी महिलाओं ने पूरी श्रद्धा, भक्ति के साथ मां विपदतारिणी की पूजा-अर्चना कर परिवार, पुत्र के सुख और समृद्धि की कामना की. 13 प्रकार के फल, फूल, पकवान, लाल धागे तथा दूर्वा घास चढ़ाकर देवी की पूजा-अर्चना की. पूजा के बाद लाल धागा एवं दूर्वा घास को महिलाओं ने एक दूसरे के हाथ में बांधकर देवी से परिवार पर किसी भी प्रकार की कोई बाधा न आने की कामना की. महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर सुहाग की रक्षा की कामना की.
रानीगंज के बड़ाबाजार स्थित मां काली मंदिर, शिशु बागान काली मंदिर, रानीगंज थाना के समीप काली मंदिर समेत कई मंदिरों में सुबह से ही पूजा के लिये महिलाओं की भीड़ देखी गयी. जामुड़िया के जामुड़िया बाजार दुर्गा मंदिर, काली मंदिर तथा अन्य मंदिरों में भक्तों का भारी संख्या में आगमन हुआ. एगरा ग्राम पंचायत स्थित मां मथुरा चंडी पाठ स्थान में मां विपदतारिणी की धूमधाम से पूजा की गई. इस अवसर पर चंडी पाठ का आयोजन भी किया गया. काफी संख्या में भक्तों ने देवी मंदिर में पहुंचकर आशीर्वाद ग्रहण किया.
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