बालू, भूमि बंदोबस्ती पर डीएम ने की इसीएल संग बैठक
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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आसनसोल. कन्यापुर स्थित जिलाशासक कार्यालय के सभागार कक्ष में जिलाशासक शशांक सेठी की अध्यक्षता में इसीएल के विभिन्न एरिया के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई. जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि बैठक में इसीएल के अधिकारियों के उत्पादन संबंधी मुददों, जमीनों के म्यूटेशन आदि पर विचार विमर्श किया गया. उन्होंने बताया कि बहुत से कोलियरियों […]
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आसनसोल. कन्यापुर स्थित जिलाशासक कार्यालय के सभागार कक्ष में जिलाशासक शशांक सेठी की अध्यक्षता में इसीएल के विभिन्न एरिया के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई. जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि बैठक में इसीएल के अधिकारियों के उत्पादन संबंधी मुददों, जमीनों के म्यूटेशन आदि पर विचार विमर्श किया गया. उन्होंने बताया कि बहुत से कोलियरियों के निकट भूमिगत खदानों में बालू भरने को लेकर बालू संग्रह किया गया है.
इसीएल अधिकारियों ने मानसून के दौरान नदियों से बालू न उठाने की संभावना को लेकर मानसून पूर्व बालू का संग्रह किया है. परंतु जिस प्रक्रिया के तहत बालू संग्रह किया गया है वह अवैध है. नियमानुसार बीएलआरओ एवं एसडीएलआरओ कार्यालय से सम्मति पत्र लिये बिना ही बालू का संग्रह करना अवैध है. उन्होंने बताया कि इस बार के लिए कोलियरी अधिकारियों को चेतावनी देकर आगे नियमानुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया. भूमिगत कोयले के विक्रय एवं नदी घाटों से बालू उठाने को लेकर इसीएल को एसडीएलआरओ विभाग को रायल्टी देती है.
बालू के लिए दिये जाने वाले रायल्टी का 10 प्रतिशत और कोयले के रायल्टी का 30 प्रतिशत इसीएल को जिला खनिज निधि को स्थानीय इलाके में उन्नयनमूल कार्यो के लिए सहयोग स्वरूप देने का निर्देश दिया गया. जिससे उन इलाकों में सडक निर्माण, स्ट्रिट लाइट , स्कूल भवन निर्माण जैसे जनकल्याणमूलक कार्य किये जा सकेंगे. इसीएल की बहुत सी जमीनें सही समय पर म्युटेशन नहीं हो पाने से जनता उसे दखल कर लेती है.
जिससे उस जमीन के क्रय के बाद भी मालिकाना अधिकार विक्रेता के पास ही रहता है. ऐसे मामलों में इसीएल को जमीन क्रय के तुरंत बाद म्यूटेशन का निर्देश दिया गया.इसीएल के पास अत्याधुनिक बचाव पद्धति न होने से बाढ़ व भू धंसान की घटनाओं में जिला आपदा प्रबंधन विभाग भी उनके साथ साङोदारी कर राहत और बचाव कार्य में सहयोग करेंगे. प्राकृतिक आपदा की स्थितियों में इलाके के प्रभावित लोगों को आश्रय के लिए इसीएल से उनके खाली आवासों को स्वेच्छा से एक दो माह के लिए प्रदान करने का आग्रह किया गया.
श्री सेठी ने बताया बाढ, धंसान, भूकंप आदि मामलों में बहुत से लोगों के आवास क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में इसीएल अपने खाली आवासों को प्रभावित लोगों के आश्रय के लिए प्रदान करे. केंद्र सरकार के नियमानुसार इसीएल अपने लाभ का पांच प्रतिशत हिस्सा सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत इलाके के जनसाधारन के लिए उन्नयनमूल कार्यो में उपयोग करे, धंसान प्रभावितों के पुनर्वास, सुरक्षा मुददों, सेक्युरिटी एजेंसी, टूरिज्म प्रस्तावों आदि मुददों को बैठक में शामिल किया गया. अवसर पर एडीएम (सामान्य) प्रलय राय चौधरी, निगम सचिव प्रलय सरकार, एसडीएलआरओ तन्मय राय, डेप्यूटी मजिस्ट्रेट कौशिक मुखर्जी, अडडा के एइओ सुमन दास गुप्ता आदि उपस्थित थे.
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