महाप्रबंधक समन्वय समिति की बैठक में कार्मिक निदेशक ने दी सलाह

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उत्पादन लक्ष्य के मुताबिक कार्य करने की अपील क्षेत्रीय महाप्रबंधकों से सांकतोड़िया : इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड(इसीएल) सांकतोड़िया के सम्मेलन कक्ष में मंगलवार को महाप्रबंधक समन्वय समिति की बैठक कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक सुब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता में हुयी. मौके पर कार्मिक निदेशक केएस पात्र, वित्त निदेशक एएम मराठे, तकनीकी निदेशक(संचालन) बीएन शुक्ला, […]

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उत्पादन लक्ष्य के मुताबिक कार्य करने की अपील क्षेत्रीय महाप्रबंधकों से
सांकतोड़िया : इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड(इसीएल) सांकतोड़िया के सम्मेलन कक्ष में मंगलवार को महाप्रबंधक समन्वय समिति की बैठक कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक सुब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता में हुयी. मौके पर कार्मिक निदेशक केएस पात्र, वित्त निदेशक एएम मराठे, तकनीकी निदेशक(संचालन) बीएन शुक्ला, तकनीकी निदेशक योजना परियोजना अजय कुमार सिंह, मुख्य सतर्कता अधिकारी डीबी सिंह, सीएमडी के तकनीकी सचिव नीलाद्रि राय सहित मुख्यालय के विभागाध्यक्ष एवं तमाम एरिया के महाप्रवन्धक उपस्थित थे.
सीएमडी श्री चक्रवर्ती ने क्षेत्रवार उत्पादन, डिस्पैच व सुरक्षा की जानकारी ली एवं कई दिशा निर्देश भी दिये. उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के जुलाई महीने में कंपनी सभी क्षेत्रों में गत वर्ष की तुलना में पीछे चली गई है. इस कारण सभी क्षेत्रों में निगेटिव ग्रोथ है. उन्होंने उत्पादन के साथ-साथ डिस्पैच में भी तेजी लाने का निर्देश दिया. सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को कहा कि कंपनी अपने उत्पादन लक्ष्य के मुताबिक करें ताकि फिर से कंपनी पॉजिटिव ग्रोथ में आ जाये.
उन्होंने कहा कि जुलाई में एक भी एरिया उत्पादन, डिस्पैच व अधिभार तीनों का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सका. यह कंपनी के लिये चिंता का विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा कि आपकी सेवा ही कंपनी के भविष्य को नई दिशा देगी. खदान में सुरक्षा के साथ कार्य करना और औद्योगिक तालमेल बनाकर रखना होगा. दूसरी तरफ कहा की माइनिंग क्षेत्र में खनन के उपकरणों की सुरक्षा को अब तक नजर अंदाज किया जाता रहा है
जबकि उपकरणों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देने से भी दुर्घटनाएं होती हैं तथा खनन कार्य प्रभावित होता है. श्री चक्रवर्ती ने कहा कि उत्पादन क्षेत्र में जुलाई महीने में पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में .84 प्रतिशत का निगेटिव ग्रोथ है. डिस्पैच में भी 10.26 प्रतिशत का निगेटिव ग्रोथ है. अधिभार में भी चार फीसदी का निगेटिव ग्रोथ है. इस प्रकार सभी क्षेत्रों में गत वर्ष की तुलना में पिछड़ गयी है. उन्होंने कहा कि जुलाई तक उत्पादन लक्ष्य 14. 71 मिलियन टन था, जिसमें 11 .25 मिलियन टन ही कर पाया. पिछले वर्ष इसी अविध तक 11 .30 मिलियन टन किया था. चालू वर्ष में डिस्पैच 12 .4 मिलियन टन किया जबकि पिछले साल में जुलाई तक 13 .6 मिलियन टन किया था. अधिभार हटाने में भी पीछे चल रही है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में वर्षा भी दोगुना हुई है. इस कारण निगेटिव ग्रोथ में चली गयी है.
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