कॉलेजों में सुधारी जायेगी पठन-पाठन व्यवस्था
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
जिलाशासक शशांक सेठी ने की प्राचार्यों, टीआइसी संग इसकी समीक्षा नन टीचिंग स्टॉफ, बेहतर यातायात व्यवस्था नहीं होने की मुख्य समस्या आसनसोल. पश्चिम बर्दवान जिले अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में ढांचागत व्यवस्था के उन्नयन एवं पठन पाठन संबंधित विषयों के मुद्दे पर जिलाशासक कार्यालय के कांफ्रेंस कक्ष में जिलाशासक शशांक सेठी की अध्यक्षता में कॉलेज के […]
विज्ञापन
जिलाशासक शशांक सेठी ने की प्राचार्यों, टीआइसी संग इसकी समीक्षा
नन टीचिंग स्टॉफ, बेहतर यातायात व्यवस्था नहीं होने की मुख्य समस्या
आसनसोल. पश्चिम बर्दवान जिले अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में ढांचागत व्यवस्था के उन्नयन एवं पठन पाठन संबंधित विषयों के मुद्दे पर जिलाशासक कार्यालय के कांफ्रेंस कक्ष में जिलाशासक शशांक सेठी की अध्यक्षता में कॉलेज के प्राचार्यो एवं टीआइसी की बैठक हुई.
जिलाशासक श्री सेठी ने केएनयू के अधीनस्थ कॉलेज के प्राचार्यो एवं टीआइसी से कॉलेजों में उपलब्ध ढांचागत व्यवस्था, पठन-पाठन की स्थिति, कॉलेजों में बुनियादी सुविधाएं, सत्र 2017 से ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया और सीटों की संख्या आदि की जानकारी ली.
जिलाशासक श्री सेठी ने कहा कि कॉलेजों में बेहतर पठन-पाठन का माहौल बनाने, स्टूडेंटसों को ढांचागत सुविधाएं यथा भवन, कक्षाएं, परिवेश आदि के बारे में चर्चा की गयी. कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कॉलेज टीआइसी से सुझाव लिये गये.
कॉलेज प्राचार्यो ने अपने कॉलेजों की समस्याओं की जानकारी दी. इनमें कई समस्याएं प्रमुखता से सामने आयी. कहा गया कि काजी नजरूल इस्लाम महाविद्यालय (चुरुलिया) में बदहाल सड़क और बेहतर यातायात परिसेवा न होने के कारण वहां के स्टूडेंटसों को कॉलेज पहुंचने में काफी परेशानी होती है. इस कारण उस कॉलेज में स्टूडेंटसों की संख्या हर साल घट रही है. कॉलेज में कई नये भवनों का भी निर्माण नहीं हो सका है.
आसनसोल शहर से बीसी कॉलेज तक जाने के लिए बस परिसेवा न होने के कारण स्टूडेंटसों को कॉलेज पहुंचने में दिक्कत होती है. आसपास के इलाकों के स्टूडेंट्स आसानी से कॉलेज पहुंच पाते हैं परंतु दूरदराज के स्टूडेंटसों को बस स्टैंड से पैदल या ज्यादा किराया देकर टोटो से जाना पड़ता है. जिससे उन्हें किराये में रियायत नहीं मिल पाती है. बीबी कॉलेज में प्ले ग्राउंड, उन्नत प्रयोगशाला की मांग की गयी. साथ ही कॉलेज में नन टीचिंग स्टॉफ की कमी से कार्य प्रभावित होने को लेकर पर्याप्त स्टॉफ की मांग की गयी.
कॉलेज के लाइट बिल, पानी के बिल में रियायत की मांग की गयी. कुछ कॉलेजों ने कॉलेज में अत्याधुनिक शिक्षा व्यवस्था और जिम्नेजियम की मांग की. अधिकांश कॉलेजों ने नन टीचिंग स्टॉफ की कमी होने से कॉलेज में कार्य प्रभावित होने का कारण बताया.जिलाशासक श्री सेठी ने इन समस्याओं को लेकर अगली बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाने की बात कही.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कॉलेजों की समस्याओं को दूर करने एवं कॉलेजों में बेहतर शैक्षिक परिवेश बनाये जाने को लेकर हर संभव सहयोग करेंगे.
पश्चिम बर्दवान जिले के शिक्षा प्रभारी इंद्रनील, काजी नजरूल विश्वविद्यालय के आइसी ऑफ कॉलेज जयंत चक्रवर्ती, नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (दुर्गापुर) के निदेशक, दुर्गापुर गवर्मेट कॉलेज के प्राचार्य, दुर्गापुर वूमेंस कॉलेज के प्राचार्य, माइकल मधुसुदन मेमोरियल कॉलेज के प्राचार्य, रानीगंज गल्र्स कॉलेज की प्राचार्य, टीडीबी कॉलेज (रानीगंज) के प्राचार्य, खांद्रा कॉलेज के प्राचार्य, पांडेश्वर कॉलेज के प्राचार्य, आसनसोल गल्र्स कॉलेज के टीआइसी, बीबी कॉलेज के टीआइसी, देशबंधु महाविद्यालय के टीआइसी, कुल्टी कॉलेज के टीआइसी, काजी नजरूल इस्लाम महाविद्यालय के टीआइसी आदि उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










