कालियागंज : इटाहार में अवैध शराब का धंधा जोरों पर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 May 2017 9:47 AM

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कालियागंज: उत्तर दिनाजपुर जिले के विभिन्न इलाकों में इन दिनों अवैध शराब का धंधा जोर-शोर से जारी है. खासकर इटहार थाना अंतर्गत कई इलाकों में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. इस इलाके में चांचल-इटाहार राज्य सड़क के किनारे कई अवैध शराब के ठेके लगते हैं. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार […]

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कालियागंज: उत्तर दिनाजपुर जिले के विभिन्न इलाकों में इन दिनों अवैध शराब का धंधा जोर-शोर से जारी है. खासकर इटहार थाना अंतर्गत कई इलाकों में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. इस इलाके में चांचल-इटाहार राज्य सड़क के किनारे कई अवैध शराब के ठेके लगते हैं. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इन शराब के ठेकों पर पियक्कड़ों एवं समाज विरोधियों का जमावड़ा लगा रहता है.

महिलाओं का इस ओर से आना-जाना काफी मुश्किल है. आरोप है कि शराब के ठेकों पर जमे बदमाश छेड़छाड़ करते हैं. इस अलावा घर के पुरुष सदस्य भी इन ठेकों से शराब पीकर नशे में अपने घरों में बवाल करते हैं.

स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन इसके बाद भी अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. बाध्य होकर इलाकाई महिलाओं ने अवैध शराब के ठेकों के खिलाफ मोरचा खोल दिया है. इन महिलाओं ने आपस में मिलकर एक विशेष टीम बनायी है. पुलिस कार्रवाई नहीं किये जाने से नाराज महिलाओं ने कई शराब के ठेकों पर धावा बोल दिया. इतना ही नहीं, अवैध शराब के ठेकों को बंद करने के लिए जब महिलाएं आपस में मीटिंग कर रही थीं, तब हस्तक्षेप करने गये एक तृणमूल नेता का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया. शराब दुकानों में तोड़फोड़ की घटना के बाद महिलाओं द्वारा आपस में मीटिंग करने की खबर जब पंचायत समिति के सदस्य तथा तृणमूल नेता अशोक दास को मिली तो वह महिलाओं से बातचीत करने के लिए मीटिंग में पहुंचे. उनको देखते ही महिलाओं का पारा और चढ़‍ गया. महिलाओं का कहना था कि राज्य में तृणमूल सत्ता में है. तृणमूल नेता शराब की दुकानें बंद करने की बात करते हैं, लेकिन यह दुकानें तस की तस चल रही हैं.

सत्ता में रहने के बाद भी पुलिस उनकी क्यों नहीं सुनती. यदि तृणमूल नेता और पुलिस अवैध शराब के ठेके बंद नहीं करा पा रही है तो स्थानीय महिलाएं अपने दम पर इन दुकानों को बंद करा कर दिखा देंगी. इस मीटिंग के बाद महिलाएं एक बार फिर से शराब के ठेकों को बंद कराने निकल पड़ी. कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई और शराब के बोतल नष्ट कर दिये गये. स्थानीय महिलाओं में से झुमपा कर्मकार, रत्ना दास, अशेका दास आदि ने बताया कि शाम होते ही इलाके में शराबियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है. यह लोग सड़क के किनारे ही बैठकर शराब पीते हैं. घर के पुरुष सदस्य शराब के लिए घर के सामान बेच रहे हैं. महिलाएं जब रोकने जाती हैं, तो उनके साथ मारपीट की जाती है. सिर्फ शराब ही नहीं, कई स्थानों पर गांजे की भी बिक्री हो रही है. इन महिलाओं ने धमकी देते हुए कहा कि यदि शराब की दुकानें नहीं बंद कराय गयी तो वह लोग आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करेंगी.

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