''बंगाल में प्रत्येक दो में से एक बच्चा एनीमिया से पीडित''
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jan 2016 1:15 PM
कोलकाता : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4, 2015-16) की ओर से हाल में जारी आंकडे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पांच साल से कम उम्र के 50 फीसदी से अधिक बच्चे एनीमिया से पीडित हैं. ‘बाल अधिकारों और आप’ के क्षेत्रीय निदेशक (पूर्व) अतिन्द्र नाथ दास ने बताया, ‘पश्चिम बंगाल में पिछले एक दशक में […]
कोलकाता : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4, 2015-16) की ओर से हाल में जारी आंकडे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पांच साल से कम उम्र के 50 फीसदी से अधिक बच्चे एनीमिया से पीडित हैं. ‘बाल अधिकारों और आप’ के क्षेत्रीय निदेशक (पूर्व) अतिन्द्र नाथ दास ने बताया, ‘पश्चिम बंगाल में पिछले एक दशक में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में एनीमिया के मामले सात फीसदी कम हुए हैं. साल 2005-06 में यह 61 फीसदी था जो कि 2015-16 में कम होकर 54.2 फीसदी हो गया. लेकिन अभी भी प्रत्येक दो में से एक बच्चा एनीमिया से पीडित है.’
रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं की स्थिति भी अच्छी नही है. राज्य में 60 फीसदी से अधिक महिलाएं और 53.2 फीसदी गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीडित हैं. दास ने बताया, ‘करीब एक दशक पहले प्रकाशित एनएफएचएस के आंकडों की तुलना में पश्चिम बंगाल में बच्चों के पोषण स्तर में मामूली सुधार हुआ है.’
बहरहाल, रिपोर्ट से बच्चों के कुल स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिलते हैं. उन्होंने बताया कि बाल कुपोषण के अलावे प्रसव पूर्व की गुणवत्ता और प्रसव देखभाल की समस्या के कारण भी राज्य में बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. एनएफएचएस-4 के पहले चरण की रिपोर्ट से हालांकि कुल मिलाकर 13 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में मातृ, शिशु स्वास्थ्य और पोषण स्तर में मामूली सुधार प्रदर्शित होता है.
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