सारधा घोटाला: राज्य सरकार ने कुणाल व सुदीप्त का सुरक्षा घेरा बढ़ाया, ताकि मीडिया से न कर सकें बात

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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस से निलंबित सांसद कुणाल घोष के विस्फोटक बयान से परेशान राज्य सरकार ने उनका (कुणाल) व सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन का सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है, ताकि वे मीडिया को बयान न दे सकें. कथित पुलिस ज्यादती से सोमवार को सॉल्टलेक में सीबीआइ दफ्तर जाते समय कुणाल […]

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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले के आरोपी तृणमूल कांग्रेस से निलंबित सांसद कुणाल घोष के विस्फोटक बयान से परेशान राज्य सरकार ने उनका (कुणाल) व सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन का सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है, ताकि वे मीडिया को बयान न दे सकें.

कथित पुलिस ज्यादती से सोमवार को सॉल्टलेक में सीबीआइ दफ्तर जाते समय कुणाल घोष गिर कर जख्मी हो गये. बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें मीडिया से दूर रखने की कोशिश कर रही थी. उनके सिर व पैर के अंगूठे में चोट लगी. घोष ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबायी जा रही है. पुलिस उनके साथ ज्यादती कर रही है. उनके अंगूठे का नाखून उखड़ गया है. जख्म पर बैंडेज किया गया है. गौरतलब है कि हाल में अदालत में पेशी के दौरान कुणाल घोष ने कहा था कि सारधा चिटफंड मामले की असलियत जाननी है तो सीबीआइ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन और उन्हें (कुणाल) आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करे.

यही नहीं, घोष ने यह भी कहा था कि सारधा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सबसे ज्यादा लाभान्वित हुई हैं. ज्ञात रहे कि कुणाल अभी सीबीआइ हिरासत में हैं. जांच एजेंसी ने सोमवार को भी उनसे पूछताछ की. रविवार को भी उनसे पूछताछ की गयी थी.

उधर, सोमवार को कड़ी सुरक्षा में सुदीप्त सेन, देबयानी मुखर्जी सहित पांच आरोपियों को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया. बचाव पक्ष के वकील ने जमानत की अपील की, लेकिन सीबीआइ अधिवक्ता ने इसका विरोध किया. अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को 11 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

ममता को कहीं जेल न जाना पड़े : सूर्यकांत
बालुरघाट. वाम शासनकाल में ममता बनर्जी ने कई कांड किये, लेकिन उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा था. अपने शासनकाल में कहीं उन्हें जेल न जाना पड़े. सारधा कांड में सीबीआइ जांच की तीव्रता को देखते हुए विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने कुछ ऐसे ही तृणमूल सुप्रीमो पर कटाक्ष किया. वह सोमवार को बालुरघाट आये थे. उन्होंने कहा कि सारधा कांड की जांच को लेकर सिर्फ कान खुजलाया जा रहा है, कान को कस के पकड़ कर खींचने से चिटफंड के सब बड़े हेड सामने आ जायेंगे.

कान खींचने पर सर आगे आता है. कई ने चिटफांड के रुपये हजम कर लिये हैं. चिटफंड के रुपये वापस चाहिए. जिन लोगों ने रुपये हजम कर लिये, उनकी संपत्ति बेच कर निवेशकों की राशि लौटायी जानी चाहिए.

क्रांति की बेटी आज बन गयी हैं भ्रष्टाचार की रानी: नकवी
कोलकाता. भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा है कि एक समय ऐसा था, जब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए हमारे दिल में काफी सम्मान था, क्योंकि 34 साल के वाम मोरचा के कुशासन को उन्होंने अपनी क्रांति व आंदोलन के जरिये उखाड़ फेंका. हम उन्हें क्रांति की बेटी के रूप में देखते थे, लेकिन सत्ता में आने के मात्र साढ़े तीन साल के भीतर किसी ने ममता बनर्जी के वर्तमान रूप की कल्पना भी नहीं की थी. आज ममता बनर्जी क्रांति की बेटी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की रानी बन गयी हैं. नकवी 13 सितंबर को राज्य में विधानसभा की दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव के सिलसिले में निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता से मुलाकात के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से मुखातिब थे.

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