मदन मित्र को पूछताछ के लिए बुलायेगी सीबीआइ

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कोलकाता: सीबीआइ सारधा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में इस हफ्ते राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्र को पूछताछ के लिए बुलायेगी. सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि इस हफ्ते समन भेज कर परिवहन मंत्री मदन मित्र को पूछताछ के लिए बुलाया जायेगा. उन्हें सीबीआइ कार्यालय बुलाकर पूछताछ की जायेगी. जानकारी के अनुसार, सीबीआइ अधिकारी श्री […]

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कोलकाता: सीबीआइ सारधा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में इस हफ्ते राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्र को पूछताछ के लिए बुलायेगी.

सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि इस हफ्ते समन भेज कर परिवहन मंत्री मदन मित्र को पूछताछ के लिए बुलाया जायेगा. उन्हें सीबीआइ कार्यालय बुलाकर पूछताछ की जायेगी. जानकारी के अनुसार, सीबीआइ अधिकारी श्री मित्र के पूर्व निजी सहायक बापी करीम से की गयी पूछताछ से संतुष्ट नहीं हैं. सीबीआइ का कहना है कि बापी करीम के बयानों में काफी विरोधाभास है. सुदीप्त सेन के साथ राज्य के परिवहन मंत्री के संबंधों को लेकर सीबीआइ उनसे पूछताछ करना चाहती है.

इस बीच, संभावना जतायी जा रही है कि सारधा कांड की जांच को लेकर केंद्रीय एजेंसी तृणमूल सांसद तथा अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से भी पूछताछ कर सकती है. गौरतलब है कि सारधा कांड में अब तक सीबीआइ इस्ट बंगाल क्लब के अधिकारी देबब्रत सरकार और व्यवसायी संधीर अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि कई लोगों से पूछताछ की गयी है. कई स्थानों पर छापेमारी की गयी है. उधर, असम के व्यवसायी राजेश बजाज से रविवार को सीबीआइ ने फिर पूछताछ की.

सीबीआइ अधिकारी बजाज से पहले भी पूछताछ कर चुके हैं. सूत्रों के अनुसार, सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन और पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह के बीच असम में एक टीवी चैनल के सौदे के लिए हुए समझौते की मध्यस्थता में राजेश बजाज का नाम सामने आया है. सेन के बयान से यह बात सामने आयी थी कि एक बड़ी राशि का भुगतान करने के बावजूद टीवी चैनल का मालिकाना हक उसे नहीं मिला. जबकि मतंग सिंह का कहना था कि सुदीप्त के रुपये वापस लौटाने के लिए उसने राजेश बजाज को एक चेक दिया था. जानकारी के अनुसार, मतंग सिंह और राजेश बजाज के बयानों में विरोधाभास सामने आया है. यही वजह है कि सीबीआइ ने रविवार को राजेश बजाज से दोबारा पूछताछ की.

गोगोई से दोबारा हो सकती है पूछताछ
उधर, सूत्रों ने बताया कि असम के संगीत कलाकार सदानंद गोगोई से भी सीबीआइ दोबारा पूछताछ कर सकती है. शनिवार को जांच एजेंसी के अधिकारियों ने गोगोई से पूछताछ की थी. यही नहीं, उसके गुवाहाटी स्थित आवास की तलाशी भी ली गयी थी. सीबीआइ इस बात का पता लगाने की कोशिश में है कि सदानंद ने असम के कितने प्रभावशाली लोगों से सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन का परिचय कराया था.

बिमान बसु का कहना है
वाममोरचा चेयरमैन बिमान बसु ने किसी का नाम लिये बगैर रविवार को कहा कि सारधा मामले में सत्तारूढ़ दल से जुड़े कई वरिष्ठ लोगों का नाम सामने आ रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ही इन लोगों को चिन्हित किया जाना चाहिए. सारधा मामले में हजारों गरीब लोगों से धोखाधड़ी हुई है. मामले की जांच जल्द पूरी हो ताकि पीड़ित निवेशकों को उनकी राशि लौटायी जा सके. अन्य माकपा नेताओं का कहना है कि सारधा मामले की जांच संतोषजनक है और जांच की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश के तहत आगे बढ़ रही है.

सीबीआइ जांच पूरी होने के बाद ही अदालत पोंजी घोटाले से प्रभावित हुए निवेशकों के रुपये लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है. यही वजह है कि माकपा मामले की जांच की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के पक्ष में है.

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