अब सुदीप्त सेन ने उगले असली राज

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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले में सीबीआइ अधिकारियों के सामने शुक्रवार को समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन ने कई अहम खुलासे किये. सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक सुदीप्त सेन ने तृणमूल के दो मंत्रियों व दो प्रभावशाली नेताओं के नाम बताये हैं, जिन्हें वह कई बार रुपये भेजा करता था. हालांकि इससे संबंधित कोई कागजात सीबीआइ अधिकारियों […]

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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले में सीबीआइ अधिकारियों के सामने शुक्रवार को समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन ने कई अहम खुलासे किये. सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक सुदीप्त सेन ने तृणमूल के दो मंत्रियों व दो प्रभावशाली नेताओं के नाम बताये हैं, जिन्हें वह कई बार रुपये भेजा करता था. हालांकि इससे संबंधित कोई कागजात सीबीआइ अधिकारियों के हाथ नहीं लगे हैं. लेकिन सुदीप्त ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही वह कुछ अहम सबूत उनके हवाले करेगा.

फुटबॉलर का आया नाम
वहीं, सारधा घोटाले में जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार इस्ट बंगाल क्लब के पूर्व सदस्य देबब्रत सरकार ने पहले दिन की प्राथमिक पूछताछ में सीबीआइ अधिकारियों के सामने कई अहम राज उगले.

देबब्रत के बयान के आधार पर एक और फुटबॉलर का नाम सामने आया है. सीबीआइ उस फुटबॉलर से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. पूछताछ में देबब्रत ने बताया कि सेबी व आरबीआइ अधिकारियों से समझौता कराने के लिए उसने मोटी रकम तो सुदीप्त से ऐंठी ही थी, इसके अलावा सेबी व आरबीआइ अधिकारियों के नाम पर वह हर महीने लाखों रुपये भी सुदीप्त से लेता था. इस राशि का एक हिस्सा एक अन्य फुटबॉलर के साथ मिलकर वह गोवा में होटल के धंधे में निवेश किया था. इसी व्यापार के सिलसिले में वह गोवा आया-जाया करता था. सुदीप्त की चिट्ठी में दो व्यापारियों के नाम संदीप उर्फ संधीर अग्रवाल व सज्जन अग्रवाल के नाम आये हैं.

इस संबंध में उसने कहा कि इन दोनों व्यापारियों के जरिये ही वह सेबी व आरबीआइ के कुछ अधिकारियों के पास रुपये भेजा करता था. देबब्रत ने रुपये पहुंचानेवाले जिन दो व्यापारियों के नाम का खुलासा किया था. उनमें से संदीप उर्फ संधीर अग्रवाल नामक एक व्यापारी को सीबीआइ दफ्तर में बुलाकर शुक्रवार को पूछताछ की गयी. संधीर से तकरीबन चार घंटे तक चली इस पूछताछ में उसने उससे रुपये लेनेवाले कुछ सेबी व आरबीआइ अधिकारियों के नाम सीबीआइ के सामने रखे. देबब्रत से रुपये लेकर वह इन्हीं अधिकारियों को रुपये देता था. सूत्रों के मुताबिक जिन सेबी व आरबीआइ अधिकारियों के नाम उसने बताये हैं, उन्हें रुपये देने से संबंधित कागजात अपने कब्जे में करने के लिए सीबीआइ अधिकारी जुट गये हैं. इस मामले में जुड़े सज्जन अग्रवाल को भी सीबीआइ की तरफ से बुलाया गया था, लेकिन व्यापार के सिलसिले में वह अभी सिंगापुर में है. लिहाजा वहां से लौटने के बाद उससे पूछताछ हो पायेगी.

जल्द शुरू होगी फिर छापेमारी
जांच अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले सुदीप्त सेन की 17 पन्नों की चिट्ठी के आधार पर सॉल्टलेक स्थित मिडलैंड पार्क के अलावा अन्य ठिकानों में छापेमारी की गयी. जहां देबब्रत सरकार के इस मामले से जुड़े होने के ठोस सबूत हाथ लगने के बाद उस पर कार्रवाई हुई. इसके बाद इस व्यापारी से पूछताछ में सामने आये नाम के आधार पर फिर सेबी व आरबीआइ अधिकारियों के खिलाफ सबूत हासिल करने को लेकर फिर छापेमारी की जायेगी. जिसमें मिले सबूत के आधार पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. समय के साथ सीबीआइ व इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के अधिकारियों द्वारा इस मामले में उठाये जा रहे सख्त कदम के कारण कई राजनीतिक नेता व मंत्रियों की चिंता बढ़ गयी है. सीबीआइ अधिकारी बताते है कि जल्द ही राजनीति की कई बड़ी हस्तियां उनकी हिरासत में होंगे.

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