दो एमएमआइसी पर गाज एक-एक विभाग छीना
एक करोड़ 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप व्यवसायी ने लगाया है रिश्वत मांगने का आरोप हावड़ा. हावड़ा नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य (एमएमआइसी) वाणी सिंह राय और विभाष हाजरा पर एक व्यवसायी से एक करोड़ 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद वाणी […]
एक करोड़ 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
व्यवसायी ने लगाया है रिश्वत मांगने का आरोप
हावड़ा. हावड़ा नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य (एमएमआइसी) वाणी सिंह राय और विभाष हाजरा पर एक व्यवसायी से एक करोड़ 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. मामला सामने आने के बाद वाणी सिंह राय से भवन विभाग और विभाष से सड़क निर्माण विभाग छीन लिया गया है.
जानकारी के अनुसार, व्यवसायी ने दो अगस्त, 2014 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, हावड़ा के पुलिस आयुक्त और मेयर को पत्र लिख कर दोनों एमएमआइसी से खिलाफ शिकायत की थी. समझा जाता है कि उच्च स्तर पर कार्रवाई के निर्देश के बाद दोनों एमएमआइसी से एक-एक विभाग छीन लिया गया है. वाणी सिंह राय के पास भवन के साथ श्रम विभाग भी था, जबकि विभाष हाजरा सड़क निर्माण, पार्क और गार्डेन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब वाणी के पास सिर्फ श्रम विभाग रहेगा, जबकि विभाष पार्क और गार्डेन की जिम्मेदारी संभालेंगे.
क्या है मामला
शिकायतकर्ता व्यवसायी मनोरंजन बोनिक मजूमदार सलकिया के धरमुतल्ला इलाके में रहते हैं. मजूमदार का लिलुआ में बड़ा कारोबार है. वह बंगाल चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के सदस्य भी हैं. मजूमदार ने बताया कि हरोगंज बाजार के पास लगभग 50 कट्ठा भूमि पर जी प्लस 6 इमारत के नर्माण की स्वीकृति के लिए उन्होंने हावड़ा नगर निगम में आवेदन किया. निगम की ओर से उन्हें बतौर कर एक करोड़ 33 लाख रुपये जमा कराने को कहा गया.
निर्देश के अनुसार, उन्होंने यह राशि निगम में जमा भी करवा दी. व्यवसायी के मुताबिक, निर्माण स्थल तक भवन निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए एक सड़क (द्वार) की जरूरत थी. इस संबंध में उन्होंने मेयर से मुलाकात की. मेयर ने उन्हें संबंधित विभाग के प्रभारी वाणी सिंह राय से बात करने को कहा. आरोप है कि एमएमआइसी वाणी सिंह राय ने इस योजना पर आपत्ति की.
आरोप के मुताबिक, इसके बाद वाणी सिंह राय ने मजूमदार को अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया. 24 जून, 2014 को मजूमदार एमएमआइसी श्री सिंह राय के घर गये. कथित तौर पर श्री सिंह राय ने सड़क ( द्वार) बनाने की अनुमति देने के लिए बतौर रिश्वत एक करोड़ रुपये की मांग की. व्यवसायी श्री मजूमदार का आरोप है कि इस मौके पर उनके साथ र्दुव्यवहार, मारपीट और धमकी भी दी गयी. वहीं, एमएमआइसी विभाष हाजरा पर व्यवसायी से 25 लाख रुपये मांगने का आरोप लगा है. कृषि विपणन मंत्री अरूप राया ने मामले पर की गयी कार्रवाई पर बोलते हुए कहा कि यह मामला पूर्णत: पार्टी के अनुशासन विभाग के तहत है. इस मामले पर खुद मुख्य मंत्री नजर रख हुई हैं.
एमएमआइसी ने आरोपों से किया इनकार
एमएमआइसी वाणी सिंह राय ने अपनी सफाई में कहा कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं. उन्होंने इस मामले में फंसाये जाने की बात कही. श्री सिंह राय ने परोक्ष रूप से कहा कि इस पूरे मामले में उनके ही पार्टी के लोग शामिल हो सकते हैं. वहीं, एमएमआइसी विभाष हाजरा ने भी मामले में फंसाये जाने की बात कही. उन्होंने मामले में किसी भी तरह अपनी संलिप्तता से इनकार किया.
मेयर का कहना है
मेयर डॉ रथिन चक्रवर्ती ने मामले में किसी भी तरह से कोई सच्चई होने से इनकार करते हुए कहा कि नया बोर्ड बेहतर काम कर रहा है. विकास के कार्य में बाधा पहुंचाने के मकसद से विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार कर रही हैं. उन्होंने कहा कि आरोप कोई भी किसी के खिलाफ लगा सकता है. जांच होगी. जांच के बाद मामला साफ हो जायेगा.
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