शराब के नशे में की गयी आदिवासी युवक की हत्या

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Apr 2019 12:54 AM

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दो दोस्त गिरफ्तार, तीसरे को तलाश रही पुलिस सिलीगुड़ी : बीते दो दिनों में हुए हत्या के दो मामले के पीछे की कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है. वहीं दोनों मामले समाज को सचेत भी कर रहे हैं. सात वर्षों का दाम्पत्य तोड़कर प्रेमी के साथ घर बसाने को आतुर पत्नी को लाख समझाने के […]

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दो दोस्त गिरफ्तार, तीसरे को तलाश रही पुलिस

सिलीगुड़ी : बीते दो दिनों में हुए हत्या के दो मामले के पीछे की कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है. वहीं दोनों मामले समाज को सचेत भी कर रहे हैं. सात वर्षों का दाम्पत्य तोड़कर प्रेमी के साथ घर बसाने को आतुर पत्नी को लाख समझाने के बाद भी नहीं मामने पर पति ने उसकी हत्या कर दी. वहीं दूसरी ओर शराब के नशे में हुयी बहस में गहरे दोस्तों ने ही एक की जान ले ली. दोनों मामले के आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया है.
बीते सोमवार को सिलीगुड़ी से सटे बागडोगरा के निकट स्थित गंगारामपुर चाय बागान इलाके में खून से लथपथ सुबोध कुमार (35) का शव बरामद हुआ था. मृतक रविवार रात से लापता था. शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद फांसीदेवा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. प्राथमिक जांच में पुलिस को मालूम हुआ कि रविवार की रात खाना खाने के बात सुबोध अपने तीन दोस्तों के साथ निकला था. रातभर वापस न लौटने पर परिवार वालों को संदेह हुआ.
रविवार की रात सुबोध के साथ टहलने निकले तीन में से दो दोस्तों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. बारी-बारी से लिये दोनों के बयान में काफी असंगति पाये जाने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की. पुलिस की थोड़ी सी सख्ती में ही दोनों टूट गये और हत्या की पूरी कहानी बयां कर दी. फांसीदेवा थाना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात संजय मिस्त्री, मनोज मिस्त्री व और एक व्यक्ति सुबोध के साथ था.
घर से निकलने के बाद चारों ने खूब शराब पी. शराब के नशे में किसी बात को लेकर चारों के बीच बहस हो गयी. जिसमें तीनों एक तरफ व सुबोध एक तरफ हो गया. फिर हाथापायी शुरू हुयी और इन तीनों ने धारदार हथियार से उस पर वार कर दिया. हमले में सुबोध की गर्दन कट गयी और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. हत्या के बाद तीनों वहां से नौ-दो-ग्यारह हो गये. गुनाह कबूलने के बाद फांसीदेवा थाना पुलिस ने संजय मिस्त्री व मनोज मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया है और तीसरे की तलाश कर रही है. गिरफ्तार दोनों आरोपियों को मंगलवार सिलीगुड़ी महकमा अदालत में पेश किया गया. अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
वहीं बीते रविवार को सिलीगुड़ी शहर से सटे डाबग्राम-2 नंबर ग्राम पंचायत के पूर्व चयनपाड़ा इलाके में सेप्टिक टैंक से लापता महिला का नग्न शव बरामद हुआ था. इस हत्याकांड के पीछे की कहानी समाज को सचेत कर रही है. सात वर्षों के दाम्पत्य रिश्ते को बचाने की काफी कोशिश के बाद परेशान पति ने ही पत्नी की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में छिपा दिया था. अपने गुनाह को छिपाने के लिए पत्नी का प्रेमी के साथ भागने की अफवाह फैला कर पुलिस थाने में भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी.
मामले की जांच कर रही भक्ति नगर थाना अंतर्गत आसिघर आउट पोस्ट की पुलिस ने पत्नी की हत्या के आरोप में पति गोपाल दास को गिरफ्तार किया. पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व चयनपाड़ा निवासी लता दास का विवाह करीब सात वर्ष पहले जलपाईगुड़ी के छोबारहाट निवासी पेशे से डेकोरेटर कर्मचारी गोपाल दास के साथ हुआ था. विवाह के पहले से ही लता का इलाके के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग था. जिसे उसने शादी के बाद भी कायम रखा. कुछ ही समय में गोपाल को भी इस अवैध रिश्ते की भनक लग गयी. गोपाल ने लता को समझा-बुझा कर रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन विफल रहा. विवाह के बाद लता की जिद पर गोपाल सिलीगुड़ी के आश्रमपाड़ा में किराये पर रहने लगा.
लेकिन पत्नी के अवैध संबंध की भनक लगते ही वह वापस जलपाईगुड़ी चला गया. इसके बाद लता अधिकतर अपने मायके पूर्व चयनपाड़ा आने लगी. पुलिस को दिये बयान में गोपाल ने कहा है कि अपने दाम्पत्य को सुधारने का उसने पूरा प्रयास किया. लेकिन लता वापस लौटने को तैयार नहीं थी. कई बार उसने पत्नी को उसके प्रेमी के साथ मोबाइल पर बात करते व एक साथ भी पाया है. इस बात की जानकारी उसने अपने ससुराल वालों को भी दी लेकिन सबने अनसूना कर दिया.
बीते गुरूवार को भी लता अपने प्रेमी से मिलने के इरादे से ही मायके आयी थी. पीछे-पीछे गोपाल भी आया. इसी बात को लेकर शुक्रवार दोनों के बीच काफी विवाद हुआ. दोनों हाथापाई पर उतारू हो गये, आवेश में आकर गोपाल ने तकिया से लता का मुंह दबा दिया. सांस बंद होने से उसकी मौत हो गयी. इसके बाद गोपाल ने लता के भागने की खबर फैलाकर ससुराल वालों को उसे ढूंढ़ने को भेज दिया. मौका देखकर उसने लता के शव से सारे कपड़े उतार कर हाथ-पैर बांधा. फिर गर्दन में एक बड़ा सा पत्थर बांधकर अपने चचेरे ससुर के सेप्टिक टैंक में डाल दिया.
इसके बाद ससुराल वालों को साथ लेकर गोपाल ने आसिघर पुलिस चौकी में लता की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी. लापता लता की तलाश शुरू करने पर पुलिस को गोपाल पर ही सबसे अधिक संदेह हुआ. इधर, लता की भाभी ममता दास ने भी उसके अवैध संबंध की बात को स्वीकार किया है. उसने बताया कि करीब तीन महीने पहले ही इस बात की जानकारी हुयी थी.तब से वे लोग भी लता को समझाने की कोशिश कर रहे थे. लता हत्याकांड एक बार फिर समाज को सचेत किया है कि रिश्ते में खटास अधिक होने से अलग हो जाना ही बेहतर है.
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