पुरुलिया की महिला जेल बनेगी मनोरोगियों की जेल

Published at :05 Jul 2014 6:54 AM (IST)
विज्ञापन
पुरुलिया की महिला जेल बनेगी मनोरोगियों की जेल

कोलकाता: राज्य के जेल मामलों के मंत्री हैदर अली सफी ने बताया कि राज्य सरकार पुरुलिया स्थित महिला जेल को मनोरोगियों की जेल में तब्दील करने पर विचार कर रही है. श्री सफी ने शुक्रवार को विधानसभा में संशोधनागार सेवा विभाग के बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा […]

विज्ञापन

कोलकाता: राज्य के जेल मामलों के मंत्री हैदर अली सफी ने बताया कि राज्य सरकार पुरुलिया स्थित महिला जेल को मनोरोगियों की जेल में तब्दील करने पर विचार कर रही है.

श्री सफी ने शुक्रवार को विधानसभा में संशोधनागार सेवा विभाग के बजट पर हुई बहस का जवाब देते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि पुरुलिया में महिला जेल के पास ही मानसिक रोगियों का अस्पताल है. वहां मनोरोगियों का अस्पताल स्थानांतरित होने के बाद मनोरोगी कैदी के इलाज में सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 58 संशोधनागार हैं तथा दो खुला संशोधनागार है.

राज्य के 12 सब डिवीजनों में कोई जेल नहीं है. राज्य के जेलों में 22911 कैदी हैं. इनमें 70 फीसदी विचाराधीन कैदी हैं. मनोरोगी कैदियों की संख्या 180 है तथा 320 विचाराधीन मनोरोगी कैदी हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि अधिकांश जेलों में चिकित्सा की सुविधा नहीं है. नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में कैदियों का इलाज कराया जाता है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने योजना बनायी है कि मनोरोगियों के देखभाल के लिए प्रति सप्ताह दो दिन मनोचिकित्सक अस्पताल का दौरा करेंगे. इसके साथ ही कैदियों के लिए फेयर प्राइस शॉप से दवा खरीदने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों का एक जेल से दूसरे जेल में स्थानांतरण किया जाता रहा है. उन्होंने स्वीकार किया कि विचाराधीन कैदियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति ज्यादा होती है.

श्री सफी ने स्वीकार किया कि जेलों में मोबाइल मिलने की घटनाएं घटती रहती है. जेलों में मोबाइल पर नियंत्रण के लिए प्रेसीडेंसी, अलीपुर व दमदम जेल में जमैर लगाये जायेंगे. इसके लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिये गये हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola