Mukhtar Ansari Death: माफिया मुख्तार अंसारी ने अपराध की दुनिया से रखा था राजनीति में कदम, दादा थे स्वतंत्रता सेनानी

Mukhtar Ansari
Mukhtar Ansari Death: गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई. उसे गंभीर हालत में गुरुवार की शाम अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इधर मौत की खबर मिलने के साथ मुख्तार अंसारी के गाजीपुर स्थित आवास के बाहर लोग जमा होने लगे. माफिया डॉन की मौत की खबर के बाद यूपी के कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
Mukhtar Ansari Death: पूर्व बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को मंगलवार को ही रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज से छुट्टी दे दी गई थी. जिसके बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था. मुख्तार अंसारी की मौत के बाद मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया. जिसमें बताया गया, 8.25 बजे रात में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा लाया गया था. उल्टी और बेहोशी की हालत में मुख्तार अंसारी को अस्पताल लाया गया था. अस्पताल में भर्ती करने के बाद 9 डॉक्टरों की टीम ने उसकी इलाज की. लेकिन काफी कोशिश के बाद भी हार्ट अटैक की वजह से उसकी मौत हो गई.
मुख्तार अंसारी के भाई ने धीमा जहर दिए जाने का लगाया था आरोप
मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी ने पिछले दिनों आरोप लगाया गया था कि उसके भाई को दो बार खाने में जहर दिया गया था. 21 मार्च को बाराबंकी की अदालत में एक मामले की डिजिटल माध्यम से सुनवाई के दौरान माफिया डॉन के वकील ने भी आरोप लगाया था कि उसके मुवक्किल को जेल में धीमा जहर दिया गया.
मुख्तार अंसारी के ऊपर 60 से अधिक मामले थे लंबित
मऊ से कई बार विधायक रह चुके मुख्तार अंसारी को विभिन्न मामलों में सजा सुनाई गई थी. मुख्तार अंसारी पर उत्तर प्रदेश, पंजाब, नयी दिल्ली और कई अन्य राज्यों में लगभग 60 से अधिक मामले लंबित थे.
रोपड़ जेल से बांदा जेल लाया गया था मुख्तार अंसारी
7 अप्रैल 2021 को मुख्तार अंसारी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पंजाब के रोपड़ से बांदा जेल लाया गया था. यूपी में जब योगी आदित्यनाथ ही सरकार बनी, उसके बाद उसे पंजाब से यूपी लाने को लेकर लंबी खींचतान हुई. बाद में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसे यूपी शिफ्ट करने का आदेश दे दिया था.
1996 मे पहली बार बना था विधायक
मुख्तार अंसारी 1996 में बीएसपी की टिकट पर जीतकर पहली बार मऊ से विधायक बना था. वह 2002, 2007, 2012 और 2017 में भी मऊ से जीतकर विधायक बना था.
मुख्तार अंसारी के दादा थे स्वतंत्रता सेनानी
गाजीपुर में माफिया मुख्तार के परिवार की पहचान बड़े सियासी घराने के रूप में होती थी. मुख्तार से पहले उसके परिवार में कोई भी आपराध की दुनिया में नहीं था. उसके दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता सेनानी थे. जबकि मुख्तार अंसारी के नाना जी सेना में थे. ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान 1947 की लड़ाई में शहीद हुए थे, उन्हें महावीर चक्र से भी नवाजा गया था.
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कृष्णानंद हत्याकांड में मुख्तार अंसारी को हुई थी 10 साल की सजा
कृष्णानंद हत्याकांड मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई गई थी. वहीं कोर्ट ने 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. मुख्तार और उसके भाई अफजाल अंसारी को कृष्णानंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी बनाया गया था. कृष्णानंद राय जब एक कार्यक्रम का उद्घाटन करके लौट रहे थे कि तभी उनकी हत्या कर दी गई थी. बताया जाता है उनके उफर एके-47 से तकरीबन 500 गोलियां चलाई गईं थीं. हमलावरों ने कृष्णानंद राय के शरीर को गोलियों से भून दिया गया था.
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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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