अखिलेश यादव को ओपी राजभर की खुली चुनौती, कहा- एक-एक कच्चा-चिट्ठा खोलूंगा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Jun 2026 7:29 AM
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति का दावा करती है, लेकिन राजभर समाज के लोगों के साथ हुई हिंसक घटनाओं और हत्याओं पर चुप्पी साध लेती है.
राजभर ने पोस्ट की शुरुआत सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए की. उन्होंने लिखा कि PDA की माला जपने वाले नेता राजभर समाज के मुद्दों पर मौन क्यों हैं? उन्होंने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में राजभर समाज से जुड़े जिन हत्या के मामलों की चर्चा हुई, उनमें समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई.
इन घटनाओं का किया जिक्र
1. 26 जनवरी 2025, श्रावस्ती: पूरेमंशाराम गांव में संजय राजभर की हत्या का मामला. राजभर का दावा है कि इसमें एक सपाई का नाम सामने आया.
2. 16 जनवरी 2026, जौनपुर: खेतासराय क्षेत्र में सुनील राजभर की हत्या के मामले में जीशान के खिलाफ केस दर्ज.
3. 14 फरवरी 2026, महराजगंज: श्यामदेउरवा में 15 वर्षीय अंकुश राजभर की हत्या का जिक्र, जिसमें रामनरेश यादव का नाम आया.
4. 28 मार्च 2026, बाराबंकी: टिकैतनगर में आइसक्रीम विक्रेता बबलू राजभर की हत्या का मामला, जिसमें शंकर यादव पर आरोप लगा.
5. 20 अप्रैल 2026, देवरिया: भटनी क्षेत्र में सूरज राजभर की हत्या का जिक्र, जिसमें अशोक यादव का नाम.
6. 29 मई 2026, मऊ: हलधरपुर में राजजन्म राजभर की हत्या का मामला, जिसमें रामबदन यादव का नाम.
राजभर ने पूछे तीखे सवाल
इन घटनाओं का हवाला देते हुए राजभर ने सवाल उठाया कि PDA की राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी राजभर समाज के लोगों के साथ हुई इन घटनाओं पर खुलकर आवाज क्यों नहीं उठाती. उनका आरोप है कि राजनीतिक रूप से अनुकूल मामलों में सपा नेतृत्व सक्रिय दिखता है, लेकिन ऐसे मामलों में चुप्पी साध लेता है.
कच्चा-चिट्ठा खोलने की चेतावनी
पोस्ट के अंत में राजभर ने कहा कि वह आगे भी समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे और “एक-एक कच्चा-चिट्ठा” जनता के सामने लाने का काम करेंगे. बता दें कि ओम प्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले की लगातार आलोचना कर रहे हैं. उनका कहना है कि सपा के PDA मॉडल में गैर-यादव पिछड़ी जातियों की कोई जगह नहीं है. उनका काम केवल दरी बिछाना और भीड़ जुटाना है. जबकि पीडीए में केवल एक ही जाति और धर्म का दबदबा है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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