कन्या सुमंगला योजना : यूपी की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Jun 2026 7:53 AM
कन्या सुमंगला योजना (सांकेतिक तस्वीर)
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेटियों के उत्थान और सशक्तीकरण की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आज प्रदेश की लाखों बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी बनकर उभरी है. महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह योजना जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक बालिकाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने का कार्य कर रही है.
प्रदेश की योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 27,37,703 बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है. वहीं, 674.15 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है. यह उपलब्धि न केवल योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाती है, बल्कि बेटी के कल्याण के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है.
डीबीटी और डिजिटल व्यवस्था बनी पारदर्शिता की पहचान
योगी सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन में तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया है. योजना का संचालन पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी है. वहीं पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है. इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर दी है और अनियमितताओं की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया है. समयबद्ध भुगतान और पारदर्शिता ने योजना के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत किया है.
जन्म से शिक्षा तक बेटियों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार
साल 2019 में शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बालिकाओं को जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है. योजना के अंतर्गत छह चरणों में कुल 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है. जिसमें बच्ची के जन्म पर 5,000 रुपये, एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये, कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा-6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये और कक्षा-9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये मिलते हैं, साथ ही इंटरमीडिएट/ हाईस्कूल उत्तीर्ण कर डिग्री/ डिप्लोमा में एडमिशन लेने पर 7,000 रुपये मिलते हैं. इस तरह यह सहायता न केवल बालिकाओं के शिक्षा को प्रोत्साहित करती है बल्कि परिवारों पर पढ़ने वाले आर्थिक बोझ को भी कम करती है.
लाखों परिवारों के लिए भरोसा बनी कन्या सुमंगला योजना
उत्तर प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना का बढ़ता दायरा इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार की नीतियों के केंद्र में महिलाओं और बालिकाओं का सर्वांगीण विकास है. आर्थिक सहायता, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध लाभ वितरण के माध्यम से यह योजना आज लाखों परिवारों के लिए भरोसे का नाम बन चुकी है और सच मायनों में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी साबित हो रही है.
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रदेश की बेटियों के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. सम्बधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी पात्र बालिका योजना के लाभ से वंचित न रहे. इसके लिए सभी जिलों को समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. यह योजना केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बालिकाओं के सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है.
-सी. इन्दुमती, निदेशक, महिला कल्याण विभाग
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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