Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में नाई समाज के लोगों की कमाई हुई तिगुनी, अब सपने होंगे साकार
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 10 Mar 2025 10:23 AM
राम पाल शर्मा, संगम में मुंडन संस्कार करने वाला
Mahakumbh 2025 : प्रयागराज महाकुंभ ने संगम में मुंडन संस्कार करने वाले नाई समाज की झोली भर दी. इनके अब अधूरे सपने पूरे होंगे. महाकुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन से संगम के तट के नाई समाज की आय तिगुनी हुई.
Mahakumbh 2025 : प्रयागराज महाकुंभ संगम में मुंडन संस्कार करने वाले नाई समाज के लिए वरदान साबित हुआ. यहां सेवाएं देने वाले समाज के सभी वर्गों को महाकुंभ 2025 ने किसी न किसी रूप में कुछ न कुछ मिला है, जिससे उनकी जिंदगी अब बेहतर हो रही है. संगम किनारे मुंडन संस्कार करने नाई समाज के हजारों परिवारों को इससे नई ताकत मिली है.
महाकुंभ के आयोजन ने भर दी नाई समाज की झोली
प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने इतिहास रच दिया. इतनी बड़ी आबादी के प्रयागराज पहुंचने से महाकुंभ क्षेत्र में सेवा देने वाले सभी वर्गों और समाज को फायदा हुआ. महाकुंभ में घाट के किनारे सेवा देने वालों में नाविकों और तीर्थ पुरोहितों के अलावा यहां का वह नाविक समाज भी है जिसकी रोजी रोटी इन्ही घाटों से होने वाली कमाई से होती है. श्रद्धालुओं के मुंडन संस्कार से मिलने वाले पैसे से ही इनके परिवार पलते हैं.
संगम के किला घाट के पास मुंडन संस्कार करने वाले नाई राम पाल शर्मा का कहना है कि महाकुंभ ने उन्हें इतना दिया है जितना वह कभी सोच भी नहीं सकते थे. महाकुंभ के पहले आम दिनों में उन्हें संगम किनारे मुंडन संस्कार से 400 से 500 रुपए रोज मिल जाते थे लेकिन महा कुम्भ में ऐसा कोई दिन नहीं गया जब वह यहां से डेढ़ से दो हजार रुपए कमा कर न गए हों. इस पैसे से अब उनके घर में अधूरे पड़े काम पूरे हो सकेंगे. महाकुंभ के सेक्टर 3 में नाई बाड़े में सुबह से शाम तक व्यस्त रहने वाले शिवराज शर्मा का कहना है कि सभी नाई समाज के लोग गदगद हैं. श्रद्धालुओं ने उन्हें दोनों हाथों से दिल खोलकर दिया है.
नाई समाज के 3460 परिवारों की जिंदगी बदली
प्रयागराज के संगम तट के विभिन्न घाटों पर तीर्थ पुरोहितों के साथ ही नाई समाज के लोग भी उनसे संबद्ध रहते हैं. इसके अलावा स्वतंत्र रूप से भी इस समाज के लोग बांध रोड के नीचे से अपनी सेवाएं देते हैं. प्रांतीय नाई ठाकुर सुधारक सभा के उपाध्यक्ष राम कुमार शर्मा बताते हैं कि संगम के इन घाटों से 3460 नाई समाज के परिवारों की जीविका जुड़ी हुई है. इस महाकुंभ में नाई समाज के लिए अलग से सेक्टर 3 में नाई बाड़ा बनवाया गया था जिसमें पूरे दिन समाज के लोगों को काम मिला.
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इसके अलावा महाकुंभ में अखाड़ों ने जो 5000 से अधिक नए नागा संन्यासियों को दीक्षा दी, उनके मुंडन संस्कार के लिए नाई समाज को काम मिला. इससे उन्हें सबसे अधिक आमदनी हुई. इसी सभा के अध्यक्ष राम भवन शर्मा का कहना है कि महाकुंभ में अधिक भीड़ और ट्रैफिक की कुछ अड़चन आई लेकिन नाई समाज बहुत खुश है. सामान्य दिनों की तुलना में महाकुंभ में तीन गुना कमाई हमारे समाज ने की है. समाज की जिंदगी बदल गई. योगी महराज जैसा कुंभ करा दिया वैसा कभी सोचना भी मुश्किल है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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