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यूपी में पुलिस हिरासत में मौतों का बढ़ रहा आंकड़ा, पांच साल में 41 मौतें, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट

Updated at : 18 Aug 2023 11:35 PM (IST)
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यूपी में पुलिस हिरासत में मौतों का बढ़ रहा आंकड़ा, पांच साल में 41 मौतें, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 1996 में एक केस की सुनवाई के दौरान एक आदेश में कहा था कि किसी भी इंसान की पुलिस कस्टडी में हत्या जघन्य अपराध है. इसके बावजूद यूपी में पुलिस हिरासत में मौतों की लंबी फेहरिस्त है. लोकसभा में गृह मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यूपी में 2021 तक कुल 41 मौतें हुई थी.

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विधान परिषद में एमएलसी मान सिंह यादव के पुलिस कस्टडी में हुई मौतों के मामले में पूछे गये सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने बीते पांच वर्षों में अमेठी में दो और अमरोहा, आगरा, कन्नौज, बुलंदशहर, जौनपुर, सुल्तानपुर, मऊ, फतेहपुर व गोंडा के थाने में एक-एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत की बात कबूल की है.

गोरखपुर में मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से मौत

यूपी पुलिस की बर्बरता की कहानी का सबसे बड़ा गोरखपुर में सामने आया था. 28 सितंबर 2021 को कानपुर के एक प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता को पुलिस ने गोरखपुर के एक होटल में पूछताछ के दौरान इतना पीटा था कि उसकी मौत हो गयी थी. मनीष अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर के रामगढ़ ताल इलाके के होटल में रुका था. जहां आधी रात लगभग 12.30 बजे पुलिस ने सर्च की थी. मनीष ने पुलिस से आधी रात को जगाने का कारण पूछ लिया था. इसीलिये उसे वहीं जमकर पीटा गया. अंतत: उसकी मौत हो गयी. इस मामले में आरोपी छह पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया था.

गोरखपुर में 50 वर्षी राम सकल की मौत

15 जून 2023 को गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चांडी निवासी 50 वर्षीय राम सकल की पुलिस की पिटाई से मौता हो गयी थी. सादी वर्दी में पुलिस उसके घर पहुंची थी. पुलिस को देखकर राम सकल खेत की तरफ भागने लगा. परिवारीजनों का आरोप था कि पुलिस ने दौड़ाकर उसे पकड़ा और इसके बाद लात-घूंसों से जमकर पीटा. जिससे उसकी मौत हो गयी.

कानपुर में दिनेश भदौरिया  की संदिग्ध मौत

16 अगस्त 2023 को कानपुर में गुरुवार को हनुमंत विहार थाने में संदिग्ध हालत में दिनेश भदौरिया की मौत हो गयी. इस मामले में परिवारीजनों ने पुलिस व दूसरे पक्ष पर मौत का आरोप लगाया, पुलिस मामले की जांच कर रही है. आठ पर रिपोर्ट दर्ज की गयी है. चौकी की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की गयी है.

बागपत में साजिद नाम के युवक की मौत

बागपत में 2 जुलाई को कथित रूप से साजिद नाम के युवक की पुलिस की पिटाई से मौत हो गयी थी. इसमें एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया था. आरोप है कि साजिद को जुआ खेलने के मामले में चौकी पर ले जाया गया था. जहां उसकी पिटाई से मौत हो गयी. परिवारीजनों ने रटौल बस स्टेशन पर साजिद का शव रखकर प्रदर्शन किया था.

प्रयागराज में लवकेश शर्मा की संदिग्ध मौत

प्रयागराज में 32 वर्ष के लवकेश शर्मा को पड़ोसी से झगड़े के मामले में पुलिस ने 2 नवंबर को हिरासत में लिया था. 3 नवंबर को उसकी मौत की सूचना परिवारीजनों को मिली थी. परिवारीजनों के अनुसार लवकेश के शरीर पर चोटों के निशान थे. वहीं पुलिस अधीक्षक नगर संतोष कुमार मीणा के अनुसार लवकेश को जांच के लिये अस्पताल ले गये थे, जहां उसकी तबियत खराब होने से मौत हो गयी.

सीतापुर में राजू नाम के युवक की मौत

5 जनवरी 2023 को सीतापुर में बसपा नेता की मौत के मामले में हिरासत में लिये गये राजू की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी थी. पुलिस राजू को जिला अस्पताल लेकर गई थी. जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. परिवारीजनों ने पुलिस पर राजू की पिटाई करने का आरोप लगाया था.

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Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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