आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से IAS अपर्णा यू को मिली राहत, जांच एजेंसियों के सामने हर 15 दिन में होना होगा पेश

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने स्किल डिवेलपमेंट घोटाले में 2001 बैच के यूपी कैडर की IAS अपर्णा यू को अग्रिम जमानत दे दी है. करीब 3,000 करोड़ रुपये का यह घोटाला जब हुआ था, उस दौरान अपर्णा आंध्र प्रदेश में इंटर कैडर डेप्युटेशन पर तैनात थीं.
Lucknow : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने स्किल डिवेलपमेंट घोटाले में 2001 बैच के यूपी कैडर की IAS अपर्णा यू को अग्रिम जमानत दे दी है. करीब 3,000 करोड़ रुपये का यह घोटाला जब हुआ था, उस दौरान अपर्णा आंध्र प्रदेश में इंटर कैडर डेप्युटेशन पर तैनात थीं. इस दौरान उनके पति जीबीएस भास्कर भी उसी विभाग में प्रोजेक्ट हेड थे. इस घोटाले में अपर्णा के पति जीबीएस भास्कर को भी आरोपित बनाया गया है.
मार्च में भास्कर की गिरफ्तारी नोएडा से हुई थी. बाद में उन्हें बेल मिल गई थी. अपर्णा इस समय यूपी के NHM में मिशन डायरेक्टर और सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के पद पर तैनात हैं. वे 2015 में इंटर कैडर डेप्युटेशन के दौरान आंध्र प्रदेश गई थी. हालांकि, 2017 में उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें वापस यूपी भेज दिया गया था.
आंध्र प्रदेश में हुए स्किल डिवेलपमेंट घोटाले में IAS अपर्णा उपाध्यायुला पर करीब 3,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. इस दौरान उन्होंने अपने पति जीबीएस भास्कर के साथ मिलकर एपीएसएसडीसी फंड के डायवर्जन में अहम भूमिका निभाई. अपर्णा से पूछताछ के बाद 6 मार्च, 2023 को इस मामले में विवेचक ने उनको आरोपित बनाया था.
इसी के बाद अपर्णा ने अग्रिम जमानत के लिए आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. जांच एजेंसियों ने 5 जून, 2022 को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अपर्णा से पूछताछ की थी, जबकि 4 जून, 2022 को उन्हें क्वेश्चनायर भेजकर जवाब मांगे थे.
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति श्रीनिवास रेड्डी ने की. कोर्ट ने अपर्णा को अग्रिम जमानत देते हुए जांच एजेंसियों के सामने हर 15 दिन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं. उन्हें 50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर अग्रिम बेल मिली है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अपर्णा पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनके कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं हैं. इस मामले में पहले ही सभी प्रमुख 6 आरोपितों को जमानत दी जा चुकी है.
हालांकि, यूपी में भी IAS अपर्णा उपाध्यायुला उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) में हुए 2,267 करोड़ रुपये के कर्मचारी भविष्य निधि घोटाले में भी CBI जांच के घेरे में हैं. वे 2017 से 2019 तक यूपीपीसीएल में एमडी के पद पर तैनात थीं. उनसे पूछताछ के लिए सीबीआई ने 2022 में समन भेजा था, मगर उन्होंने ठुकरा दिया था.
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