भारत और भारतीयता के लिए समर्पित था डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन: सीएम योगी

Updated at : 06 Jul 2023 8:17 PM (IST)
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भारत और भारतीयता के लिए समर्पित था डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 123वीं जयंती के मौके पर हजरतगंज स्थित सिविल अस्पताल में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उन्होंने कहा कि भारत की एकात्मता और अखंडता के लिए उनके बलिदान को देश सदैव स्मरण करेगा.

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लखनऊ: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन भारत और भारतीयता के लिए समर्पित था. भारत की एकात्मता और अखंडता के लिए उनके द्वारा किए गए बलिदान को यह देश सदैव स्मरण करेगा. वह भारत के उद्योग और खाद्य नीति के मार्गदर्शक थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार को आगे बढ़ाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को डॉ. मुखर्जी के 123वीं जयंती पर सिविल अस्पताल हजरतगंज में आयोजित कार्यक्रम में यह बातें कही.

सीएम योगी ने किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण

सीएम योगी ने पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की पहली सरकार ने तुष्टिकरण की नीति पर चलना शुरू किया तो डॉ. मुखर्जी ने कैबिनेट से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की. सरकार से उनके मतभेद उस समय भी देखने को मिले थे, जब तत्कालीन नेहरू सरकार ने भारत के संविधान में जबरन अनुच्छेद 370 जोड़कर देश की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया था.

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डॉ. मुखर्जी महान देशभक्त, प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद थे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उस दौरान इसका जमकर विरोध किया था. उस समय उन्होंने नारा दिया था एक देश के दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चलेंगे. सीएम योगी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी महान देशभक्त, प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रख्यात शिक्षाविद थे. आजादी के आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. मात्र 35 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में शिक्षा क्षेत्र अनेक उल्लेखनीय कार्य किए.

अनुच्छेद 370 के खिलाफ थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी  

आजादी के पूर्व बंगाल में आई अकाल की त्रासदी के समय उन्होंने मानवता की सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया. भारत के प्रति डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की सोच को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. 1952-1953 से चली आ रही त्रासदी अनुच्छेद 370 को प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अगस्त 2019 को समाप्त किया और जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. आज जम्मू और कश्मीर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह भी मौजूद थे.

जम्मू-कश्मीर में परमिट व्यवस्था का विरोध किया: भूपेंद्र सिंह चौधरी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने सिविल हॉस्पिटल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया. प्रदेश अध्यक्ष ने इस मौके पर कहा कि राष्ट्र सेवा में स्वयं को समर्पित करने वाले मां भारती के अमर सपूत एवं जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र हित में किये गए कार्य एवं उनका आदर्श व्यक्तित्व हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा. जम्मू-कश्मीर में परमिट व्यवस्था का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया.

एक-एक कार्यकर्ता को राष्ट्र प्रथम मंत्र का मंत्र दिया: धर्मपाल सिंह

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की अखंडता के लिए कंटकाकीर्ण मार्ग पर चलकर संगठन के एक-एक कार्यकर्ता को राष्ट्र प्रथम का मंत्र दिया. आज भाजपा के कार्यकर्ता वैभवशाली राष्ट्र निर्माण के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं. डॉ. मुखर्जी की विचारधारा में देश की एकता-अखंडता, सांस्कृतिक उत्थान, देश के नागरिकों का आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक व राजनैतिक उत्थान समाहित है.

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Amit Yadav

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By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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