‘यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा’ कुंभ 2019 का लोगो भी जारी

Updated at : 13 Dec 2017 2:01 PM (IST)
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‘यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा’ कुंभ 2019 का लोगो भी जारी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग की टैग लाइन यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा तथा कुंभ 2019 का लोगो लांच किया है. राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि कुंभ में लोगों की असीम आस्था है,यह आस्था पर आधारित विश्व का सबसे बड़ा श्रद्धालुओं का समागम है. कुंभ की इस महत्ता के […]

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन विभाग की टैग लाइन यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा तथा कुंभ 2019 का लोगो लांच किया है. राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि कुंभ में लोगों की असीम आस्था है,यह आस्था पर आधारित विश्व का सबसे बड़ा श्रद्धालुओं का समागम है. कुंभ की इस महत्ता के मद्देनजर यूनेस्को ने भी इसे इन्टैन्जिबिल कल्चरल हेरिटेज का दर्जा दिया है. इससे भारत का सांस्कृतिक संदेश दुनिया तक पहुंचेगा. राज्यपाल ने यह बात कल शाम यहां राजभवन में आयोजित कुम्भ लोगो लॉन्च, यूपी टूरिज्म की टैगलाइन यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा के अनावरण तथा ओएसटीएस पोर्टल के शुभारंभ के अवसर पर कही.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुंभ को सफल बनाने और पर्यटन के उद्देश्य से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए सतत प्रयास कर रही है. इसके दृष्टिगत कुंभ मेला प्राधिकरण की स्थापना की गयी. उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रयाग (इलाहाबाद) में होने वाला कुम्भ-2019 अत्यंत सफल आयोजन होगा और इससे उत्तर प्रदेश की एक नयी पहचान बनेगी. कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम कुम्भ 2019 को दुनिया भर में यूनीक ईवेंट के रुप में प्रस्तुत करने और इसके प्रचार-प्रसार के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है. कुम्भ-2019 के लोगो के लॉन्च से श्रद्धालुओं को इससे जुडने में आसानी होगी.

साथ ही, पोर्टल से उन्हें पर्यटन संबंधी सभी प्रकार की सूचनाएं आसानी से मिल सकेंगी. यूनेस्को द्वारा कुंभ को मान्यता देने के संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उनके अथक प्रयासों से ही संभव हो सका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले कुंभ को पूरी भव्यता और दिव्यता से आयोजित करने का अवसर उत्तर प्रदेश को मिला है और राज्य सरकार इसमें कोई कमी नहीं आने देगी. उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति पूर्ण है और वह पूर्णता से ही संपूर्ण सृष्टि को देखती है. इसलिए 6 वर्ष पर आयोजित होने वाले आयोजन को कुंभ और 12 वर्ष पर आयोजित होने वाले आयोजन को महाकुम्भ का नाम दिया गया है.

कुम्भ का आयोजन प्रयागराज में संगम के तट पर होता है. संगम को त्रिवेणी भी कहा जाता है. इसका ऐतिहासिक महत्व है. योगी ने कहा कि राज्य सरकार कुम्भ-2019 को सफल बनाने और इसकी ब्राण्डिंग के लिए सारे प्रयास कर रही है. इसकी सभी तैयारियां शुरु हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि कुम्भ-2019 में लगभग 12 करोड श्रद्धालुओं का संगम नगरी में आगमन अनुमानित है. ऐसे में उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता होगी और इस दिशा में सारे प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा लॉन्च किया गया पोर्टल पर्यटकों के लिए बहुत ही सुविधाजनक होगा.इस पोर्टल पर यूपी के सभी महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को सूचीबद्ध करके डाला जाएगा. उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीमित सम्भावनाएं हैं. पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटक पुलिस का गठन किया जायेगा.

प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. प्रयाग इलाहाबाद में आयोजित होने वाला कुंभ मेला विशेष रूप से उल्लेखनीय है. इस मेले की गणना विश्व के विशालतम श्रद्धा समागम के रूप में होती है. कुंभ आयोजन की रुप रेखा तैयार करना अत्यन्त महत्वपूर्ण है. राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा दे रही है.

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