रसोई पर महंगाई की दोहरी मार! बिना काटे ही क्यों रुला रहा है प्याज? लौकी और भिंडी के नए दामों ने उड़ाए होश बारिश ने बिगाड़ा बजट
बारिश ने बिगाड़ा रसोई का बजट, प्याज समेत सब्जियों के दाम बढ़े
UP News: भारी बारिश ने यूपी में सब्जियों के दामों को आसमान पर पहुंचा दिया है। प्याज, भिंडी, लौकी जैसी रोजमर्रा की चीजें महंगी हो गई हैं, जिससे आम आदमी के रसोई का बजट बिगड़ गया है। टमाटर को छोड़कर लगभग सभी सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं।
UP News: लखनऊ में लगातार बारिश ने सिर्फ मौसम का मिजाज नहीं बदला, बल्कि रसोई का बजट भी बिगाड़ दिया है. मंडियों में सब्जियों की आवक घटते ही कीमतों में तेजी आ गई है. प्याज तीन दिन में 10 रुपये महंगा होकर 55-60 रुपये किलो पहुंच गया है. भिंडी, लौकी, तोरई और शिमला मिर्च के दाम भी बढ़े हैं. ऐसे में रोज की सब्जी खरीदने वाले परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.
बारिश से मंडियों में घट गई सब्जियों की आवक
लखनऊ में लगातार हो रही बारिश का असर सब्जियों की आपूर्ति पर पड़ा है. कई जगह फसलों को नुकसान पहुंचा है. इसके चलते मंडियों में बाहर से आने वाली सब्जियों की मात्रा कम हुई है. आवक घटने का सीधा असर थोक और फुटकर बाजार के भाव पर पड़ा है. आलमबाग, फतेहगंज और निशातगंज के फुटकर बाजारों में प्याज के दाम तीन दिन में 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं. पहले प्याज 45-50 रुपये किलो बिक रहा था. अब इसका भाव 55-60 रुपये किलो पहुंच गया है.
महाराष्ट्र की बारिश से प्याज पर पड़ा असर
भारतीय किसान एवं आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन, दुबग्गा मंडी के अध्यक्ष नजमुद्दीन राईनी ने बताया कि महाराष्ट्र में भारी बारिश से प्याज की फसल प्रभावित हुई है. इसका असर लखनऊ की मंडी में आने वाली खेप पर भी पड़ा है.दुबग्गा मंडी में प्याज की रोजाना आवक पहले 15-20 ट्रक थी. अब यह घटकर 10-12 ट्रक रह गई है. आवक कम होने से प्याज का थोक भाव भी बढ़ गया है. पहले 27-32 रुपये किलो मिलने वाला प्याज अब 37-42 रुपये किलो पहुंच गया है.
प्याज के साथ ये सब्जियां भी हुईं महंगी
बारिश का असर सिर्फ प्याज तक सीमित नहीं है. आलू के दाम 10-15 रुपये से बढ़कर 15-20 रुपये किलो हो गए हैं. लौकी और तोरई 25-30 रुपये से बढ़कर 30-35 रुपये किलो बिक रही हैं. भिंडी के दाम भी 30-35 रुपये से बढ़कर करीब 40 रुपये किलो पहुंच गए हैं. वहीं, शिमला मिर्च की कीमत कई बाजारों में 100 रुपये किलो से ऊपर बनी हुई है.
टमाटर ने दी थोड़ी राहत
बढ़ती कीमतों के बीच टमाटर ने उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत दी है. सब्जी कारोबारी सचिन सोनकर के अनुसार, आपूर्ति में सुधार होने से टमाटर के दाम 10 रुपये प्रति किलो घटे हैं. पहले टमाटर करीब 50 रुपये किलो बिक रहा था. अब इसका भाव घटकर 40 रुपये किलो हो गया है.
3,000 के बजट से 5,500 रुपये तक पहुंचा खर्च
सब्जियों के बढ़ते दाम का असर मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर भी पड़ा है. पहले एक परिवार को महीने भर की सब्जियों के लिए करीब 3,000-3,500 रुपये खर्च करने पड़ते थे. अब यही खर्च बढ़कर करीब 5,000-5,500 रुपये तक पहुंच गया है. यानी सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी ने परिवारों की रसोई का हिसाब-किताब पूरी तरह बदल दिया है.
अलग-अलग बाजारों में सब्जियों के अलग भाव
मंडी से दूरी और ढुलाई खर्च के कारण लखनऊ के अलग-अलग फुटकर बाजारों में सब्जियों की कीमतों में अंतर है. आलमबाग में शिमला मिर्च 100-120 रुपये किलो बिक रही है. निशातगंज में इसका भाव 100-110 रुपये और फतेहगंज में करीब 100 रुपये किलो है. आलू आलमबाग में 20-24 रुपये किलो, निशातगंज में 18-20 रुपये और फतेहगंज में 15-20 रुपये किलो बिक रहा है. प्याज 55-60 रुपये और भिंडी 35-40 रुपये किलो के बीच है.
फुटकर बाजार में सब्जियों के भाव
- सब्जी कीमत
- प्याज 55-60 रुपये किलो
- आलू 15-24 रुपये किलो
- लौकी 30-35 रुपये किलो
- तोरई 30-35 रुपये किलो
- भिंडी 35-40 रुपये किलो
- शिमला मिर्च 100-120 रुपये किलो
- टमाटर 40 रुपये किलो
फिलहाल बारिश और कम आवक ने सब्जियों के बाजार का गणित बिगाड़ दिया है. प्याज और हरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने रसोई का खर्च बढ़ा दिया है, जबकि टमाटर के सस्ते होने से थोड़ी राहत जरूर मिली है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए








