यूपी-नेपाल बॉर्डर के चौगुर्जी गांव की बदली तस्वीर, पांटून पुल से घटी दूरी, घर तक पहुंची पानी-शिक्षा

Indo Nepal Border: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित चौगुर्जी गांव अब तक विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था. कर्णाली और मोहना नदी, दुर्गम भूगोल और सीमित संसाधनों के कारण यहां रहने वाले 109 परिवार सालों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे. लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार के हर गांव तक विकास के संकल्प ने इस गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी हैं.
Indo Nepal Border: कर्णाली और मोहना नदी पर बने नए पांटून पुल का लोकार्पण जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और निघासन विधायक शशांक वर्मा ने किया. यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि चौगुर्जी गांव के लिए जीवन-रेखा साबित होगा. जहां पहले गांव तक पहुंचने में दो घंटे तक का समय लगता था, वहीं अब एंबुलेंस, स्कूल वाहन और आवश्यक सेवाएं कुछ ही मिनटों में उपलब्ध होंगी. यह परिवर्तन सीमांत क्षेत्रों को प्राथमिकता देने वाली योगी सरकार की नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है.
जल जीवन मिशन से बदली जिंदगी, आर्सेनिक मुक्त हुआ गांव
योगी सरकार के जल जीवन मिशन के तहत चौगुर्जी गांव के सभी 109 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है. वर्षों तक आर्सेनिक युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीणों के लिए यह सुविधा किसी राहत से कम नहीं. नल से बहता साफ पानी इस बात का प्रतीक बन गया कि सरकारी योजनाएं अब फाइलों से निकलकर जमीन पर उतर चुकी हैं.
सोलर लाइटों से रोशन हुआ सीमांत गांव
गांव की गलियों में अब अंधेरा नहीं, बल्कि विकास की रोशनी है. 20 सोलर स्ट्रीट लाइटों के लोकार्पण से न सिर्फ गांव जगमगा उठा, बल्कि सुरक्षा और सामाजिक गतिविधियों में भी सकारात्मक बदलाव आया है. यह पहल योगी सरकार की ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर ग्राम की
सोच को दर्शाती है.
शिक्षा को मिली नई उड़ान, बच्चों के सपनों को पंख
चौगुर्जी के परिषदीय विद्यालयों में सौर ऊर्जा व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सीमांत गांव का बच्चा भी वही शैक्षणिक अवसर पाएगा, जो शहरों में उपलब्ध हैं. डिजिटल शिक्षा से जुड़कर अब गांव के बच्चे भी देश की मुख्यधारा में आगे बढ़ेंगे.
ग्रामीणों की जुबानी – यह सिर्फ विकास नहीं, सम्मान है
गांव के लोगों ने भावुक होकर कहा कि दशकों बाद उन्हें सड़क, पुल, साफ पानी, रोशनी और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिली हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधायक और जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने उनके गांव को नई पहचान दी है. चौगुर्जी गांव की यह बदली तस्वीर लखीमपुर खीरी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहे उस व्यापक बदलाव की कहानी कहती है, जहां योगी सरकार के नेतृत्व में अब सीमा, दूरी और संसाधनों की कमी विकास की राह में बाधा नहीं बन रही.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










