काशी में नावों पर लगा ब्रेक: 15 फीट पीछे खिसकी गंगा आरती, गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन सतर्क
सांकेतिक तस्वीर
UP News: लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. वाराणसी में गंगा 64 मीटर को पार कर गई है, जिससे प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं. नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है और विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल भी पीछे कर दिया गया है.
UP News: पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है. वाराणसी में गंगा का पानी करीब 64 मीटर तक पहुंच गया है. जलस्तर बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने नावों के संचालन पर रोक लगा दी है. वहीं, दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थान भी करीब 15 फीट पीछे कर दिया गया है.
निचले घाटों में पहुंचा पानी, कई घाटों का संपर्क टूटा
गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के निचले हिस्से पानी में डूबने लगे हैं. कई घाटों के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से निचले हिस्सों में जाने से बचने की अपील की है. हालांकि गंगा का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे के निशान 71.26 मीटर से नीचे है. इसके बावजूद तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिये हैं.
13 से 15 फीट पानी में समा गया आरती स्थल
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती पर भी पड़ा है. नियमित आरती स्थल का करीब चार मीटर हिस्सा यानी लगभग 13 से 15 फीट पानी में समा गया है. इसके बाद गंगा सेवा निधि ने आरती स्थल को करीब 15 फीट पीछे कर दिया. गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से जलस्तर स्थिर था, लेकिन शनिवार से एक बार फिर पानी बढ़ने लगा. इसी को देखते हुए आरती स्थल को पीछे करने का फैसला लिया गया.
काशी विश्वनाथ धाम के दो प्रवेश मार्ग बंद
सुरक्षा के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगा द्वार और ललिता घाट से मंदिर में प्रवेश फिलहाल बंद कर दिया गया है. प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है.
NDRF के साथ डीएम ने किया निरीक्षण
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने NDRF टीम के साथ गंगा और वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण किया. अधिकारियों को जलस्तर और नदी के प्रवाह पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं. प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, पहुंच मार्ग और बचाव संसाधनों को तैयार रखने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
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By तिलक कुमार
तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.
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