World Cancer Day 2023: सर्वाइकल कैंसर का टीका नियमित टीकाकरण में होगा शामिल, यूपी में बन रही योजना

यूपी में कैंसर (Cancer) पर चौतरफा वार होगा. कैंसर की पहचान करने के लिए कम्युनिटी हेल्थ वर्कर (Community Health Worker) स्क्रीनिंग करेंगे. कैंसर की जांच करने के लिए हर जिला अस्पताल में मशीन लगेगी. इस मशीन से बहुत ही कम समय में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की जांच हो सकेगी.
World Cancer Day: उत्तर प्रदेश (UP) में कैंसर (Cancer) बीमारी के नियंत्रण के लिये खास रणनीति पर कार्य होगा. मरीजों के इलाज और नई पीढ़ी को कैंसर के टीके से प्रतिरक्षित किया जाएगा. नई रणनीति के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (Health and Wellness Center) पर तैनात सीएचओ (CHO) कैंसर की पहचान करेंगे. इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है.
एनएचएम यूपी (NHM UP) के महाप्रबंधक नियमित टीकाकरण (Routine Immunization) डॉ. मनोज शुक्ल ने बताया कि यूपी में सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसकी वैक्सीन (Vaccine) को नियमित टीकाकरण में शामिल करने की योजना है. डॉ. मनोज शुक्ल ने बताया कि अभी यह टीका दो खुराक में लग रहा है. विदेश से आयात करने के कारण सर्वाइकल कैंसर का टीका अभी काफी महंगा पड़ रहा है. यह टीका भारत में भी तैयार किया जा चुका है. जल्द ही यूपी समेत अन्य राज्यों में इसको नियमित टीकाकरण में शामिल करने की योजना है.
एनएचएम के महाप्रबंधक राष्ट्रीय कार्यक्रम डॉ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि कैंसर की जांच करने के लिए अब हर जिला अस्पताल और जिलों के 10 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में थर्मल एबलेशन जैसी अत्याधुनिक मशीन लगेगी. इस मशीन से बहुत ही कम समय में सर्वाइकल (Cervical Cancer) और ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) की जांच हो सकेगी. वर्तमान में सर्वाइकल कैंसर का टीका निजी अस्पतालों में लगाया जा रहा है. इसे कोई भी खरीद कर लगवा सकता है.
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) में पहली बार कैंसर की जांच के आंकड़े दर्ज किए गये हैं. वर्ष 2019–21 के एनएफएचएस-5 आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश की 1.5 प्रतिशत महिलाओं ने सर्वाइकल कैंसर जांच करवाई है. इसमें 1.1 प्रतिशत शहरी आबादी और 1.7 प्रतिशत ग्रामीण आबादी की महिलायें शामिल हैं. वहीं 0.4 प्रतिशत ने स्तन कैंसर की जांच करवाई है. इसी तरह 0.6 प्रतिशत महिलाओं लोगों ने मुंह के कैंसर की जांच कारवाई है. वहीं 1.1 प्रतिशत पुरुषों ने मुंह के कैंसर की जांच कारवाई है. इसमें एक प्रतिशत शहरी आबादी और 1.2 ग्रामीण आबादी के पुरुष शामिल हैं.
शरीर में कोशिकाओं (Cells) की अनियंत्रित वृद्धि से कैंसर जन्म लेता है. यही कोशिकाएं तेजी से फैलते हुए शरीर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाती हैं. इससे शरीर में ट्यूमर (गांठ)(Tumour) बनता है. यह गांठ ही कैंसर होते हैं. यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है. 100 से अधिक प्रकार वाली यह बीमारी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है. जैसे मुंह का कैंसर, स्तन का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, त्वचा का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, लिंफोमा आदि.
सभी प्रकार कैंसर के लक्षण और जांच एक-दूसरे से भिन्न होते हैं. सामान्य लक्षण वजन में कमी, बुखार, भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, खांसी एवं मुंह से खून का आना, स्तन में सूजन आदि हैं. कैंसर का इलाज मुख्य रूप से कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी के जरिए किया जाता है.
एनएचएम के महाप्रबंधक राष्ट्रीय कार्यक्रम डॉ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि कैंसर के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. कैंसर के प्रति लोगों में भ्रांतियां हैं. इसको दूर करने के लिये शनिवार को सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में लोगों को जागरूक किया जाएगा. कैंसर बीमारी का शुरुआती स्थिति में ही अगर इलाज शुरू हो जाए तो व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है. कैंसर के लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए.
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