UP: राष्ट्रीय बाल आयोग के फरमान से उलेमाओं में खलबली, मदरसों से गैर मुस्लिम बच्चों को निकालने का आदेश जारी

UP News: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा है कि, देशभर के अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर मुस्लिम छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया जाए और उन्हें वहां से निकालकर आरटीई के तहत सामान्य शिक्षण संस्थानों में एडमिशन दिलाकर उनके पठन-पाठन की व्यवस्था कराई जाए.
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में मदरसों को लेकर कभी प्रशासन तो कभी मदरसा बोर्ड की ओर से फरमान का सिलसिला जारी है. इस बीच अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नया फरमान जारी किया है. आयोग ने कहा है कि, देशभर के अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर मुस्लिम छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया जाए और उन्हें वहां से निकालकर आरटीई (RTI) के तहत सामान्य शिक्षण संस्थानों में एडमिशन कराकर उनके पठन-पाठन की व्यवस्था करवाई जाए.
दरअसल, आयोग की चेयरमैन प्रियंका कानूनगो ने इस संबंध में सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजा गया है. इस लेटर में बताया गया है कि, मदरसा धार्मिक शिक्षा देने वाला एक शिक्षण संस्था है. आयोग को विभिन्न स्रोतों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसों में गैर मुस्लिम छात्र-छात्राओं को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा का पठन-पाठन की व्यवस्था होती है और छात्र-छात्राओं को सरकारी वजीफा भी मिलता है.
आयोग ने इस तरह की व्यवस्था को संविधान के आर्टिकल 28 (3) का उल्लंघन माना है. ऐसे में सभी प्रदेशों को निर्देश दिये हैं कि ऐसे अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच कराई जाए जहां गैर मुस्लिम बच्चे पढ़ रहे हैं. बच्चों का फिजिकल वेरिफिकेशन (Physical Verification) कराया जाए और छात्र-छात्राओं को राइट-टू एजुकेशन (भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शिक्षा) के तहत अन्य सामान्य शिक्षण संस्थानों में दाखिल करवा कर उनके पढ़ने की उचित व्यवस्था करवाई जाए.
इसके साथ ही कहा गया कि, गैर चिन्हित या फिर ऐसे मदरसे जोकि बिना मान्यता के चल रहे हैं उनकी जांच करवाई जाए और वहां भी गैर मुस्लिम बच्चों की पहचान कर अन्य सामान्य शिक्षण संस्थानों में उनके पढ़ने का इंतजार किया जाए. इधर, मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डा. इफ्तेखार जावेद ने कहा है कि, इस संबंध में अभी उनके पास कोई सूचना नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर आयोग ने इस तरह का कोई आदेश जारी किया है तो ये बिलकुल अनुचित निर्णय है.
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योगी सरकार ने राज्य के गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की स्थिति जांचने के लिए उनका सर्वे कराया, ताकि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके. योगी सरकार के मुताबिक, अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं की शिक्षा के आधुनिकीकरण कम्प्यूटरीकरण और उनको समाज की मुख्यधारा में शामिल किये जाने के लिए हर संभव कार्य किया जाएगा. सर्वे में अवैध पाए गए मदरसों पर लगाम कसी जा रही है. प्रदेश के सभी 75 जिलों में मदरसा सर्वे का काम पूरा हो गया है. इसमें कुल 8,496 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मिले हैं.
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By Sohit Kumar
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