Kashi Tamil Sangamam: 25 नवंबर को आएंगी तेलंगाना की गवर्नर, मूर्तियों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

काशी तमिल संगमम् में बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से आयोजित प्रदर्शनी भी मेहमानों को अपनी ओर खींच रही है. काशी और तमिलनाडु के 90 प्राचीन मंदिरों और देवी-देवताओं के मूर्तियों की प्रदर्शनी लोगों को अलग एहसास करा रही है.
Lucknow News: काशी तमिल संगमम् में 25 नवंबर को एंफीथिएटर मैदान में आयोजित अकादमिक सत्र में तेलंगाना की राज्यपाल और पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर डॉ. टी सौंदराराजन बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी. काशी-तमिल संगमम् के अन्तर्गत होने वाले सभी अकादमिक सत्र कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह की जगह अब एंफीथियेटर ग्राउंड पर होंगे.
वहीं काशी तमिल संगमम् के तहत 26 और 27 नवंबर को दो दिवसीय दिव्यांग टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन होगा. ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से काशी-तमिल टी-20 दिव्यांग क्रिकेटम् सुब्रह्मण्यम भारती कप प्रतियोगिता का आयोजन भेलूपुर के रेवड़ी तालाब स्थित जय नारायण इंटर कॉलेज में होगा. इसमें पूर्वांचल और तमिलनाडु की दो टीमों के बीच मुकाबला होगा.
काशी तमिल संगमम् में बीएचयू और स्कूली छात्रों को तमिल साहित्य के बारे में जानने का मौका मिल रहा है. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारतीय भाषा संस्थान, केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान के स्टॉल लगाए गए हैं. केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान में मौजूद ग्रंथ तमिल भाषा में हैं और इसका डिजिटल रूपांतरण भी यहां मौजूद है। भारतीय भाषा संस्थान, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, के स्टॉल में 22 भाषाओं में पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं.
इस बीच काशी तमिल संगमम् में बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से आयोजित प्रदर्शनी भी मेहमानों को अपनी ओर खींच रही है. काशी और तमिलनाडु के 90 प्राचीन मंदिरों और देवी-देवताओं के मूर्तियों की प्रदर्शनी लोगों को अलग एहसास करा रही है. इसमें वाराणसी के 29 और 61 मंदिर तमिलनाडु के हैं.
प्रदर्शनी में तमिलनाडु के मंदिरों की भव्यता और बनावट देखते ही बनती है. काशी की दुर्लभ देव मूर्तियां भी लोगों को अपनी ओर खींच रही है. कुल 90 छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिसमें लगभग 61 छायाचित्र तमिलनाडु के और 29 काशी के हैं. प्रदर्शनी के जरिये संदेश दिया गया है कि काशी और तमिलनाडु का बड़ा ही गहरा नाता रहा है.
तमिलनाडु में अधिकतर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. दक्षिण भारत के जो मंदिर है वह मूल रूप से द्रविड़ परंपरा के हैं. उत्तर भारत के जो मंदिर हैं, वह नागर शैली के मंदिर हैं. नागर शैली के मंदिरों में गर्भ गृह के ऊपर शिखर होता है. द्रविड़ संस्कृति के मंदिरों में उनका प्रवेश द्वार सबसे विशाल होता है और उसमें एक खास प्रकार की नक्काशी होती है.
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By Sanjay Singh
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