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उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, नए साल पर इन विभागों में होगी बंपर भर्ती, अभी करें चेक

Updated at : 02 Dec 2022 1:18 PM (IST)
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उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, नए साल पर इन विभागों में होगी बंपर भर्ती, अभी करें चेक

UP Sarkari Naukri: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी नए साल में युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं. जी हां आपने सही सुना. मुख्यमंत्री योगी अगले साल दिसंबर 2023 तक अलग-अलग विभागों में भर्ती करने जा रहे हैं. जिसमें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और यूपी पुलिस में करीब 49 हजार पदों पर भर्ती होगी.

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UP Sarkari Naukri: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ नए साल में युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं. जी हां आपने सही सुना. मुख्यमंत्री योगी अगले साल दिसंबर 2023 तक अलग-अलग विभागों में भर्ती करने जा रहे हैं. जिसमें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, राम मनोहर लोहिया संस्थान और यूपी पुलिस में करीब 49 हजार पदों पर भर्ती होनी है.

इन पदों पर होगी बंपर भर्ती

योगी सरकार अलगे साल तक 14 हजार डॉक्टर, पैरामेडिकल और 35 हजार सिपाहियों की भर्ती करेगी. जिसमें केजीएमयू और लोहिया संस्थानों में 14 हजार पदों के सृजन की मंजूरी दे गई है. वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड 35 हजार सिपाहियों की भर्ती होगी इसके तहत नागरिक पुलिस में 26 हजार से अधिक भर्ती होगी. जबकि पीएससी में कांस्टेबल के लिए 8 हजार से अधिक और फायरमैन के एक हजार पदों पर भर्ती होगी. बता दें कि इन सभी भर्तियों के लिए जल्द ही विज्ञप्ति जारी कर दिया जाएगा.

दिसंबर 2023 तक का लक्ष्य

दरअसल, यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने 2023 तक सभी विभागों में खाली पदों का ब्यौरा मांगा था. इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि जल्द ही इन रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाए. जिसके बाद अलग-अलग विभागों की ओर से खाली पड़े पदों का ब्यौरा योगी को दिया रहा है. जिस पर योगी सरकार ने भर्तियों की मंजूरी दे रही है.

यूपी में बेरोजगारी दर में सुधार

उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर में काफी सुधार हुआ है. हाल ही में सीएम योगी ने दावा किया था कि पिछले पांच सालों में युवाओं को रिकॉर्ड रोजगार दिया गया है. इसके अलावा सरकार के स्तर पर रोजगार के अवसर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में बढ़ाने की दिशा में लगातार काम भी किया जा रहा है.

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में रोजगार के मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती और बीजेपी सांसद वरुण गांधी अक्सर सरकार का घेराव करते रहते हैं. यूपी के पूर्व सीएम ने हाल ही में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा यूपी व अन्य राज्यों में भी रोजगार व विकास के बजाय बीजेपी द्वारा विवादित एवं विभाजनकारी मुद्दों की तरह समान नागरिक संहिता को चुनावी मुद्दा बनाना खास बात नहीं, किन्तु गुजरात में इसको चुनावी मुद्दा बनाने से इस आमचर्चा को बल मिलता है कि वहाँ बीजेपी की हालत वास्तव में ठीक नहीं है.

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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