बीरभूम के बाहुबली अनुब्रत मंडल पर कसा शिकंजा, 2021 के चुनावी दंगे और 30 लाख की ईंट लूट मामले में FIR दर्ज

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तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल.

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Anubrata Mondal FIR Birbhum: बीरभूम के टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल उर्फ केष्टो और उनके 12 सहयोगियों के खिलाफ बंगाल चुनाव 2021 के बाद हुई हिंसा के दौरान 30 लाख रुपए की ईंटें और सामान लूटने के आरोप में प्राथमिकी से टीएमसी में हड़कंप मच गया है.

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Anubrata Mondal FIR Birbhum: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिग्गज और बाहुबली नेताओं के पुराने कारनामों की फाइलें एक-एक कर खुलने लगी हैं. इसी कड़ी में बीरभूम जिले के बाहुबली टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल उर्फ केष्टो की मुश्किलें बढ़ गयी हैं.

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अनुब्रत के 12 सहयोगियों पर भी प्राथमिकी दर्ज

वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भड़की भीषण चुनावी हिंसा (Post-Poll Violence) और एक व्यवसायी से करीब 30 लाख रुपए की कीमती ईंटें व निर्माण सामग्री लूटने के संगीन आरोपों में अनुब्रत मंडल और उनके 12 अन्य करीबियों के खिलाफ विस्तृत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गयी है.

30 लाख की ईंटें और कीमती सामान लूटने का आरोप

पूरा मामला बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के नतीजों के तुरंत बाद भड़की हिंसा से जुड़ा है. आरोप है कि चुनाव के बाद अनुब्रत मंडल के शह पर टीएमसी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के एक हिंसक गुट ने बीरभूम इलाके में बड़े पैमाने पर तांडव मचाया था. अनुब्रत के इशारे पर उनके 12 नामजद गुर्गों ने स्थानीय व्यवसायी के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर हमला बोल दिया. वहां रखे 30 लाख रुपए की ईंटें, भारी मशीनें और अन्य कीमती निर्माण सामग्रियां लूटकर ले गये.

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विरोध करने पर मिली जान से मारने की धमकी

पीड़ित व्यवसायी और उसके कर्मचारियों ने जब इस खुली लूट का विरोध करने की कोशिश की, तो उन्हें हथियारों के बल पर डराया-धमकाया गया. इतना ही नहीं, उन्हें इलाका छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया.

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Anubrata Mondal FIR Birbhum: 2021 की खूनी चुनावी हिंसा की यादें हुईं ताजा

इस मुकदमे ने 2021 में की भीषण हिंसा के जख्मों को हरा कर दिया है. नयी प्राथमिकी में अनुब्रत मंडल को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया है. उनके साथ बीरभूम जिले के 12 अन्य रसूखदार टीएमसी नेताओं और स्थानीय सिंडिकेट संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है.

बंजर हुई बीरभूम के ‘बाघ’ की सियासी जमीन

एक समय था, जब बीरभूम जिले में अनुब्रत मंडल की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता था. उन्हें जिले का ‘बेताज बादशाह’ या ‘बाघ’ कहा जाता था. गौ तस्करी मामले में लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जब वे बाहर आये, तो उनकी राजनीतिक ताकत पहले ही काफी कमजोर हो चुकी थी. अब इस नयी प्राथमिकी ने उनकी बची-कुची साख भी खत्म कर दी है.

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